कासगंज: 'साहूकारी एक्ट को बीआईएस की तरह रेग्युलेट पोर्टल बनाए सरकार'
कासगंज, अमृत विचार: देश के कई प्रदेशों में साहूकारी एक्ट निरस्त कर दिया गया है। अब देश के सिर्फ 50 प्रतिशत हिस्सों में ही साहूकारी एक्ट प्रभावी रह गया है, मगर अब साहूकारी एक्ट को पूरी तरह समाप्त करने की योजना भारत सरकार बना रही है। इस योजना को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने लगभग पूरी तैयारी कर ली है। इस संबंध में मंगलवार को शहर के सर्राफा व्यापारियों ने पूर्व सांसद राजवीर सिंह को केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन सौपकर समस्या के समाधान कराए जाने की मांग की है।
इंडिया जूलर्स एवं गोल्डस्मिथ फेडरेशन के उपाध्यक्ष एवं जिला सर्राफा एसोसिएशन के जिला महामंत्री दीपक गुप्ता सर्राफ ने बताया है कि केंद्र सरकार द्वारा उक्त एक्ट को निरस्त किया जाता है, तो गांव-देहात समेत नगरों, शहरों के परिवारों को मुश्किलें हो सकतीं है। जिन्हें आकस्मिक रुपयो की आवश्यकता होती है। वह तुरंत सोने व चांदी के आभूषणों के बदले पैसा नही ले सकेंगे। गुप्ता ने निवर्तमान सासंद राजवीर सिह राजू भइया से वार्ता कर केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
कहा कि वह केंद्र सरकार व वित्त मंत्री से वार्तालाप कर संवाद स्थापित कर सर्राफा व्यवसायियों की समस्या का समाधान कराएं। उन्होंने आश्वासन भी दिया है कि वह सारे विषयों पर विस्तृत चर्चा कर समस्या के निराकरण की दिशा में ठोस पहल भी करेंगे। गुप्ता ने बताया कि सर्राफा का पुश्तैनी गिरवी गांठ का पारंपरिक व्यवसाय सर्राफा से बाहर एनबीसी में जाने के चलते जरूरतमंदों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। सर्राफा व्यवसायियों को भी भारी नुकसान का होगा। सरकार अपना बीआईएस की तरह रेग्युलर पोर्टल के जरिये लाइसेंस प्रदान करे और इस पर गंभीरता से नियम बनाये जाये।
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