विधानसभा के बाहर बुजुर्ग माता-पिता ने किया आत्मदाह का प्रयास: 6 माह से बेटी के लापता होने से थे परेशान, लगाई मदद की गुहार
कानपुर, अमृत विचार। पिछले छह महीने से लापता बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे बुजुर्ग माता-पिता को जब कहीं उम्मीद दिखाई नहीं दी तो मजबूर होकर वो जिलाधिकारी के दफ्तर पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दंपती डीएम दफ़्तर के सामने ही रो-रोकर अपनी बेटी को जिंदा या मुर्दा दिलाने की गुहार लगाने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। बुजुर्ग माता पिता ने बताया कि छह महीने पहले उनकी बेटी मंदिर के लिए घर से निकली थी, जिसके बाद वापस नहीं लौटी।
बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के उत्तरीपुरा क्षेत्र के रहने वाले राकेश दुबे की 26 साल की बेटी अकांक्षा छह महीने पहले खेरेश्वर मंदिर के सरैया घाट पर दीप दान के लिए निकली थी, जिसके बाद से वो घर नहीं लौटी। सीसीटीवी में वो ई-रिक्शा से जाते हुए दिखाई दे रही है। लेकिन, उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला है। बुजुर्ग माता-पिता अब गले में बेटी की तस्वीर डालकर दर-दर भटक रहे हैं।
परिजनों ने उसके अपहरण की भी आशंका जताई थी। पुलिस को तहरीर भी दी थी। पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था लेकिन बेटी की तलाश में आज तक कानपुर पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लगा। जिसके चलते ये बुजुर्ग दंपत्ति पुलिसिया कार्यवाही से नाराज होकर अपनी उम्मीदें भी खत्म कर बैठे हैं। अब इनकी बस इतनी इच्छा है कि बेटी जिंदा या मुर्दा इन्हें मिल जाए ताकि उनका दर्द और उसके जिंदा होने की आस खत्म हो सके।
बुजुर्ग दंपति ने डीएम दफ़्तर के बाहर जाकर न्याय की गुहार लगाई और सीएम योगी से अपील की कि उनकी बेटी को वापस दिलवा दें नहीं तो वो मर जाएंगे। इस मामले पर कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है और कहा कि युवती की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस को सख्ती से जिम्मेदारी दे दी गई है और जल्द ही लापता बेटी की तलाश की जाएगी। मामले में अपर पुलिस आयुक्त हरीश चन्द्रर ने बताया कि मामला संज्ञान में सीसीटीवी फुटेज के आधार जांच की जा रही है। कोतवाली के साथ क्राइम ब्रांच की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं।
