हमास ने चार बंधकों के शव रेड क्रॉस को सौंपे, फिलिस्तीनी कैदियों को इजराइली जेल से किया गया रिहा

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खान यूनिस (गाजा पट्टी)। हमास ने गाजा पट्टी में युद्ध विराम समझौते के पहले चरण के समाप्त होने से कुछ दिन पहले, इजराइल द्वारा सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किए जाने के बदले में गुरवार को तड़के चार बंधकों के शवों को रेड क्रॉस को सौंप दिया। इजराइल के एक सुरक्षा अधिकारी ने पुष्टि की कि हमास ने बंधकों के शवों को रेड क्रॉस को सौंप दिया है।

इजराइल ने कहा कि ताबूतों को मिस्र के मध्यस्थों की मदद से इजराइली सीमा के जरिए पहुंचाया गया और पहचान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जब हमास ने बंधकों के शव सौंपे, लगभग उसी समय रेड क्रॉस का काफिला रिहा किए गए कई दर्जन फलस्तीनी कैदियों को लेकर इजराइल की ओफर जेल से निकला। ‘वेस्ट बैंक’ के बेतुनिया शहर में जयकारे लगाते परिवारों, दोस्तों और समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, जो बस के आते ही उसकी एक झलक पाने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे।

रिहा किए गए कैदियों का उनके शुभचिंतकों ने स्वागत किया, उन्हें गले लगाया और तस्वीरें खींचीं। रिहा किए गए एक व्यक्ति ने विजय चिह्न बनाया। उसे उसके समर्थकों ने कंधों पर उठा लिया और भीड़ ने ‘‘अल्लाहु अकबर’’ के नारे लगाए। इन कैदियों में से कई को सात अक्टूबर, 2023 के हमलों के बाद हिरासत में लिया गया था और उन पर कभी कोई आरोप नहीं लगाया गया। इससे पहले, इजराइल को शनिवार को 600 से अधिक फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना था लेकिन उसने उससे पहले कहा कि सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई तब तक नहीं की जाएगी ‘‘जब तक कि गाजा में बंधक बनाकर रखे गए और लोगों की रिहाई सुनिश्चित नहीं हो जाती तथा बंधकों को अपमानजनक तरीके से सौंपना’’ बंद नहीं किया जाता।

दरअसल, शनिवार को रिहा किए गए छह बंधकों में से पांच को हमास के नकाबपोश सशस्त्र चरमपंथी, भीड़ के सामने मंच पर लाए थे जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया था। बंधकों को सौंपे जाने के इस तरीके की संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने निंदा की है। हमास ने फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने में देरी को युद्धविराम का ‘‘गंभीर उल्लंघन’’ बताया था और कहा था कि जब तक फिलिस्तीनियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक दूसरे चरण की वार्ता संभव नहीं है।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बुधवार को कहा कि बंधकों के शवों को इस बार सौंपे जाने के दौरान कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। इस अदला-बदली से युद्ध विराम के प्रथम चरण के तहत दोनों पक्षों के दायित्व पूरे हो जाएंगे। पहले चरण में हमास ने लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों के बदले में 33 बंधकों को लौटाया जिनमें आठ शव भी शामिल हैं।

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