मुरादाबाद: कोरोना को हराने वालों की हालत खराब कर रहा शहर का प्रदूषण

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना को हराने वालों की हालत अब प्रदूषण खराब कर रहा है। आंकड़े इस बात के गवाह हैं। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सक इसके लिए शहर की खराब हवा को कारण बता रहे हैं। इस बीच शहर के हवा गुणांक में बढ़ोत्तरी को बड़े खतरे …

मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना को हराने वालों की हालत अब प्रदूषण खराब कर रहा है। आंकड़े इस बात के गवाह हैं। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सक इसके लिए शहर की खराब हवा को कारण बता रहे हैं। इस बीच शहर के हवा गुणांक में बढ़ोत्तरी को बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा है।

दिवाली के बाद शहर की एक्यूआई में सुधार हुआ था लेकिन, 24 घंटे के भीतर हवा की एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) में 84 अंक की वृद्धि की गयी है। चिकित्सा क्षेत्र द्वारा इस तरह मौसम के खराब होने और हवा की गुणवत्ता खराब होने को भविष्य के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना तीन सौ मरीज आ रहे हैं, जिसमें खासी के साथ सांस के 40 से 50 तक शामिल हैं। कोरोना काल में यह संख्या इतनी नहीं थी। जिला अस्पताल के एमएस डा.राजेंद्र कुमार का कहना है कि हवा खराब होने से सांस के रोगी बढ़ रहे हैं।

निजी अस्पतालों में अस्थमा के मरीज बढ़ गये हैं। एमडी मेडिसीन डा.सीपी सिंह का कहना है कि शहर प्रदूषण के रेड जोन में है। दिवाली के बाद अचानक हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। स्माग बढ़ने पर और दिक्कतें आयेंगी। ऐसे में सांस के मरीजों को और सतर्क रहने की जरूरत है। यहां कारोना की रिकवरी का दर सही था, लेकिन प्रदूषण लोगों की सांस उखाड़ रहा है। यानी कि इस इस तरह से समझना सही होगा कि कोरोना को हराने वाले मुरादाबाद के लोगों की प्रदूषण से हालत खराब हो रही है।

आंकड़ों की नजर में कोरोना
कुल संक्रमित 10829
स्वस्थ हुए 10421
मौत 168
आइ्सोलेशन 240
होम आसोलेट 122
टीएमयू में भर्ती 13
अन्य अस्पताल 16

मारिशा जिले की पहली संक्रमित, 23 दिन बाद हो गयी थीं स्वस्थ
मुरादाबाद। मूडापांडे की मारिशा शुक्ला मुरादाबाद की पहली कोरोना संक्रमित रहीं। वह फ्रांस के बेकरी संस्थान में पढ़ायी करती हैं। 15 मार्च को देश आई मारिशा को 19 मार्च को कोरोना मरीज के रूप में जिला अस्पताल में भर्ती की गयीं। प्रसिद्ध गायिका कनिका कपूर के बाद मारिशा की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। कोरोना से 23 दिन के जंग के बाद मारिशा स्वस्थ होकर घर लौटीं।

देश के दूषित हवा वाले प्रमुख शहर
शहर वायु गुणवत्ता सूचकांक
हिसार 326
गाजियाबाद 311
कानपुर 297
ग्रेटर नोएडा 284
दिल्ली 281
आगरा 281
मुरादाबाद 275
फरीदाबाद 254
लखनऊ 238
मेरठ 230

(एक्यूआई स्रोत- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की साइट)

यह है हवा सूचकांक का मानक
00- 050 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101- 200 मध्यम
201- 300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर

ठंड से खतरा और बढ़ेगा। भारी हवा से दिक्कत आयेगी। ऐसे में हर आदमी को प्रदूषण को लेकर सतर्क होना होगा। वाहन जनित प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। कोहरा से प्रदूषण का सीधा संबंध है, यानी की भारी हवा ऊपर नहीं जा सकेगी। इस बार देश के कई शहरों की हालत खराब दिख रही है। मुरादाबाद भी महीने भर से रेड जोन में है।
विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

संबंधित समाचार