न्यायाधीश का आदेश, अदालत का फैसला आने तक भारतीय छात्र को निर्वासित नहीं कर सकती अमेरिकी सरकार 

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अलेक्जेंड्रिया (अमेरिका)। अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने आव्रजन अधिकारियों को हिरासत में लिए गए उस भारतीय छात्र को निर्वासित नहीं करने का आदेश दिया है जिस पर हमास का दुष्प्रचार करने का आरोप है। वर्जीनिया के अलेक्जेंड्रिया में अमेरिकी जिला न्यायाधीश पैट्रिशिया टोलिवर जाइल्स ने आदेश दिया कि बदर खान सूरी को तब तक अमेरिका से नहीं निकाला जाएगा जब तक कि अदालत इसके विपरीत आदेश जारी न कर दे। 

सूरी के वकील ने पहले दाखिल एक अदालती दस्तावेज में लिखा था कि सूरी को सोशल मीडिया पर किए गए उसके पोस्ट और उसकी पत्नी की 'फिलिस्तीनी पहचान' के कारण निशाना बनाया गया। हिरासत में लिया गया भारतीय बदर खान सूरी वाशिंगटन स्थित ‘जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी’ के ‘एडमंड ए वाल्श स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस’ में 'अलवलीद बिन तलाल सेंटर फॉर मुस्लिम-क्रिस्चियन अंडरस्टैंडिंग' में शोधार्थी है। वह नयी दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया का पूर्व छात्र है। 

सूरी के वकील ने तर्क दिया कि संघीय अधिकारियों ने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया है कि उसने कोई अपराध किया है और उसे हिरासत में लेना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उचित प्रक्रिया का पालन किए जाने के उसके अधिकारों का उल्लंघन है। वकील ने कहा कि सूरी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसके पास अमेरिका में रहने के लिए अधिकृत वीजा है और उसकी पत्नी एक अमेरिकी नागरिक है।

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