तीन दिवसीय विरोध अभियान : शिक्षा,शिक्षक एवं शिक्षार्थी विरोधी है केंद्र सरकार

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अखिल भारतीय विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के आह्वान पर मांगों के समर्थन में शुरू हुआ विरोध अभियान

Pratapgarh, Amrit Vichar : एमडीपीजी कॉलेज इकाई शिक्षक संघ द्वारा अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के आह्वान पर शिक्षकों की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मांगों के समर्थन में काला फीता बांधकर तीन दिवसीय विरोध अभियान की शुरुआत की। फुपुक्टा महामंत्री प्रो. प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार शिक्षा,शिक्षक एवं शिक्षार्थी विरोधी है। हठधर्मी सरकार के खिलाफ एआई फुक्टो द्वारा आंदोलन का यह प्रथम चरण है। 29 अप्रैल को संसद मार्च का ऐलान किया गया है।

केन्द्र सरकार की उच्च शिक्षा को निजी क्षेत्र के हवाले करने की साजिश को किसी भी सूरत में शिक्षक कभी  सफल नहीं होने देगा। इकाई अध्यक्ष प्रो.अरुण कुमार तिवारी नें कहा कि यूजीसी द्वारा शिक्षा एवं शिक्षक के विरुद्ध अनेकानेक नोटिफिकेशन जारी किए जा रहें हैं,जो किसी कीमत पर स्वीकार्य नही है। इकाई महामंत्री प्रो. पीयूष कांत शर्मा ने आंदोलन की प्रमुख मांगों के सन्दर्भित किया कि इनमें पुरानी पेंशन (ओपीएस) को लागू करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 पर पुनर्विचार, एम.फिल और पी. एचडी इनक्रीमेंट वेतन वृद्धि की वापसी को रद्द करना,यू.जी.सी. रेगुलेशन 2025 की वापसी, लाइब्रेरियन एवं फिजिकल शिक्षकों को अन्य शिक्षकों की तरह प्रोन्नति सुविधा, सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों का स्थायीकरण आदि प्रमुख हैं।

शिक्षक नेता प्रो. संतोष कुमार पांडेय ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की शिक्षक एवं शिक्षा विरोधी नीतियों के प्रति जन जागरण अभियान चलायेंगे। इस अवसर पर प्रो.राजवंत सिंह, प्रो.उषा तिवारी,प्रो.माया शंकर, प्रो. निशा सिंह,. रमेश चंद्र शुक्ल, प्रो.अरविन्द मौर्य, डॉ.रंजीत पटेल, डॉ.प्रमथेश पांडेय,डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्र,डॉ. रेखा मिश्रा,डॉ.मनीष सिंह,डॉ.मुक्ता वर्मा आदि रहे।

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