बरेली: ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन
बरेली,अमृत विचार। मिशन शक्ति अभियान के तहत ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ कार्यक्रम में महिलाएं और छात्राएं जूम एप के जरिये जिलाधिकारी नितीश कुमार, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और मुख विकास अधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से रूबरू हुईं। यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा व दहेज उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं ने संरक्षण, सुरक्षा …
बरेली,अमृत विचार। मिशन शक्ति अभियान के तहत ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ कार्यक्रम में महिलाएं और छात्राएं जूम एप के जरिये जिलाधिकारी नितीश कुमार, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और मुख विकास अधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से रूबरू हुईं। यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा व दहेज उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं ने संरक्षण, सुरक्षा तंत्र, सुझावों एवं सहायता लेने के संबंध में अधिकारियों से सवाल किये।
कार्यक्रम में इस्लामियां इंटर कालेज के अध्यापक ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि कालेज के आसपास चौराहे पर लड़के खड़े होकर लड़कियों को परेशान करते हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसी विषम परिस्थितियों में बालिकाओं को घबराना नहीं चाहिए। तत्काल 112-हेल्पलाइन नंबर और 181-महिला हेल्पलाइन नंबर पर काल कर सहायता लेनी चाहिए। जिलाधिकारी ने बताया कि समाज में महिलाओं को स्वरोजगार के लिये कुछ न कुछ करते रहना चाहिए जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनी रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में जूम एप के माध्यम से अपराह्न 2 बजे कार्यक्रम आयोजित किया गया। जूम मीटिंग में 100 प्रतिभागियों ने भाग किया। 65 महिलाओं ने अपनी समस्याएं बताईं। पहले रितु शाक्य स्वैच्छिक संगठन वूमेन वेलफेयर सोसाइटी ने प्रश्न किया कि समाज में हर तीसरी महिला पीड़ित है। महिलाएं खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के प्रकरणों में महिलाओं को प्रारंभिक स्तर पर स्वयं उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिये। जिन प्रकरणों में जरूरत हो उनमें तत्काल कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
कार्यक्रम में नीता अहिरवार उप निदेशक, महिला कल्याण, लोकेश शरण इंचार्ज महिला थाना, सौम्या वर्मा केंद्र प्रबंधक वन स्टाप सेंटर, हरिंदर कौर चड्ढा विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी प्रतिभाग किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारियों ने भी जूम एप से कार्यक्रम को ज्वाइन किया।
बच्चों को विश्वास में लेकर उनसे वार्ता करते रहें अभिभावक
मनीषा आहुजा ने जिलाधिकारी से पूछा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को महिला एवं बच्चों से संबंधित कानूनों/अधिनियमों की जानकारी नहीं है। छात्र-छात्राओं की जागरूकता के लिये कार्यशालाओं व जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन की बात उठायी। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत कानूनों/हेल्पलाइन नंबरों के लिये जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों को विश्वास में लेकर निरंतर उनसे वार्ता करते रहना चाहिये। छात्र-छात्राएं अपनी छोटी-बड़ी हर समस्या को अपने अभिभावकों से साथ साझा करें।
बुकलेट तैयार कराने का दिया सुझाव
द्रोपदी कन्या इंटर कालेज की प्रधानाध्यापिका सीमा ने कानूनों व अधिनियमों के प्रति जागरूकता के लिये बुकलेट तैयार कराने का सुझाव दिया। इसका वितरण स्कूलों में कराया जाए। रुचि शर्मा ने पूछा कि छात्राएं स्कूलों, घरों व चौराहों पर आत्मसुरक्षा के लिये किस प्रकार निपुण हों कि वह विषम परिस्थिति आने पर उस परिस्थिति का सामना कर सकें। जिलाधिकारी ने जूड़ो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाने को बैच लगाने के लिये शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहा।
