नई निर्यात नीति
कोविड-19 के कारण वैश्विक परिदृश्य में बहुत कुछ बदला है। यह बदलाव हमारे लिए भी चुनौती है। इन चुनौतियों को अवसर में बदलने की मंशा से उत्तर प्रदेश की निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2020-2025 के लिए नई निर्यात नीति लाई है। नई नीति के तहत प्रत्येक …
कोविड-19 के कारण वैश्विक परिदृश्य में बहुत कुछ बदला है। यह बदलाव हमारे लिए भी चुनौती है। इन चुनौतियों को अवसर में बदलने की मंशा से उत्तर प्रदेश की निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2020-2025 के लिए नई निर्यात नीति लाई है।
नई नीति के तहत प्रत्येक जिले में कलस्टर आधारित विशेष आर्थिक पैकेज बनाए जाएंगे। कृषि क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। लगता है योगी सरकार की नजर अब निर्यात को रफ्तार देने पर है, इसलिए पूर्व की निर्यात नीति में व्यापक बदलाव कर ऐसी नीति को मंजूरी दी गई है जिसमें निर्यातकों को तमाम सुविधाएं दी गई हैं।
आबादी के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ी आबादी वाला चौथा प्रदेश है, साथ ही एमएसएमई की संख्या की दृष्टि से देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य और सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। राज्य को देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में जाना जाता है। प्रदेश का देश से किए जाने वाले निर्यात में छठवां स्थान है। नई नीति में मौजूदा सालाना निर्यात को 1.20 लाख करोड़ से बढ़ाकर तीन लाख करोड़ रुपये तक करने का लक्ष्य है।
लक्ष्य के अनुसार निर्यात तेजी से बढ़े, इसके लिए सरकार ने सर्वाधिक संभावनाओं वाले क्षेत्रों पर फोकस किया है। हस्तशिल्प की संपन्न परंपरा की वजह से उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण सहित हस्तशिल्प के कई उत्पादों में ब्रांड के रूप में दुनिया में धमक जमाने की पूरी संभावना है। इसके अलावा मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंट स्कीम के तहत बायर-सेलर मीट, उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया में लगने वाले प्रमुख मेलों के लिए भी नई नीति में सहूलियतें दी गई हैं।
सरकार ने जिन उत्पादों के निर्यात पर फोकस रखा है उनमें कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, इंजीनियरिंग गुड्स, हैंडलूम एवं टेक्सटाइल्स, चर्म उत्पाद, कालीन व दरियां, ग्लास व सिरेमिक उत्पाद, काष्ठ उत्पाद, स्पोर्ट्स गुड्स, रक्षा उत्पाद, सेवा क्षेत्र, शिक्षा, पर्यटन, मेडिकल वैल्यू, ट्रैवल्स, लॉजिस्टिक आदि शामिल हैं। उम्मीद की जा सकती है कि नई नीति से निर्यात के क्षेत्र में विकास और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। सहायक संस्थाओं को निर्यात से संबंधित सहायता सरकार मुहैया कराएगी। निर्यात सामर्थ्य विकसित करने के लिए उद्योगों को भी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। सरकार निर्यात से संबंधित सबसे अच्छी प्रक्रियाओं को अपनाएगी।
स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों को चिन्हित कर निर्यात को बढ़ाने की प्रदेश सरकार की यह कोशिश प्रशंसनीय कही जा सकती है। सरकार का कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी खास फोकस होगा। यह किसानों की आय दोगुनी करने के वायदे को पूरा करने की ओर आगे के कदम के रुप में देखा जाना चाहिए।
