अल्मोड़ा: जीबी पंत ने ढूंढ निकाली कोरोना से जंग की ‘संजीवनी’!

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अल्मोड़ा, अमृत विचार। वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए अल्मोड़ा के कोसी स्थित जीबी पंत पर्यावरण एवं शोध संस्थान के शोधार्थियों ने अपने अथक प्रयास से ऐसे दो सक्रिय यौगिकों को ढूंढ निकाला है। जिनसे कोरोना संक्रमण की वृद्धि और संक्रमण पर रोक लगाई जा सकती है। संस्थान के इस शोध को लंदन की …

अल्मोड़ा, अमृत विचार। वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए अल्मोड़ा के कोसी स्थित जीबी पंत पर्यावरण एवं शोध संस्थान के शोधार्थियों ने अपने अथक प्रयास से ऐसे दो सक्रिय यौगिकों को ढूंढ निकाला है। जिनसे कोरोना संक्रमण की वृद्धि और संक्रमण पर रोक लगाई जा सकती है। संस्थान के इस शोध को लंदन की साइंस पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया है।


जीबी पंत पर्यावरण में किए गए शोध में ढूंढे गए ये दोनों यौगिक पूर्व में एचआईवी के संक्रमण को रोकने में उपयोगी थे। इस शोध के दौरान 1528 एचआईवी-1 यौगिकों के समूह को कम्प्यूटर विधि से जांचने के बाद 356 ऐसे यौगिकों को चुना गया। जिनमें कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की संभावना दिखाई दी। शोध के बाद 84 ऐसे यौगिक सामने आए जो विषाणु रोधक होने के साथ-साथ अवशोषण, वितरण, पाचन और उत्सर्जन प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करते।

जबकि औषधीय गुण रखने वाले 40 यौगिकों को मॉलिकुलर डॉकिंग विधि से कोरोना वायरस के 3 काइमोट्रिपसिन लाइक प्रोटिएज एंजाइम के विरुद्ध सक्रिय पाया गया। शोध टीम ने बताया कि कोरोना वायरस में पाए जाने वाले 3 काइमोट्रिपसिन लाइक प्रोटिएज एंजाइम कोरोना वायरस की वृद्धि की लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए इस महामारी से बचाव के लिए इन्हें निष्क्रिय करना जरूरी है। शोध टीम ने इसके बाद औषधीय मात्रा वाले 22 और समान रासायनिक संरचना वाले 12 यौगिकों को चुना और डॉयनेमिक्स और सिमुलेशन विधि का प्रयोग किया। जिसके बाद अब दो ऐसे यौगिक सामने आए हैं। जो कोरोना वायरस प्रभावी तरीके से सक्रिय हैं।


शोध टीम में डॉ. महेशानंद, डॉ. प्रियंका मैती, तुषार जोशी, डॉ. वीना पांडे, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. एमए रामाकृष्णन, डॉ. जेसी कुनियाल शामिल हैं। टीम के सदस्यों को उनकी उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल, इं. किरीट कुमार व केंद्र प्रमुखों ने शुभकामनाएं दी हैं।

फार्मास्युटिकल कंपनियों की बढ़ी संभावनाएं

जीबी पंत की शोधार्थी टीम की मानें तो इस शोध के बाद अब भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए कोरोना रोग से लड़ने की दवा बनाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। शोधार्थियों ने कहा है कि कोविड के खिलाफ प्रभावी यौगिकों को पहचानने के बाद वनस्पति जगत में इस उपलब्धता को ज्ञात करने का प्रयास किया जाएगा।

जीबी पंत पर्यावरण संस्थान की टीम लंबे समय से कोविड की रोकथाम के लिए शोध में जुटी हुई थी। लंबे प्रयासों के बाद अब ऐसे दो यौगिकों को ढूंढ निकाला गया है जो कोरोना वायरस से लड़ने में प्रभावी हैं। इन दो यौगिकों का क्लीनिकल और पेटेंट फाइल करने की भी संभावना है। – डॉ. जेसी कुनियाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक व शोधार्थी

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