बरेली एस्मा लागू फिर भी नहीं डगमगाए हड़ताली कर्मियों के कदम

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली,अमृत विचार। प्रदेश सरकार ने बुधवार को एस्मा लागू कर दिया मगर गुरुवार को हड़ताली कर्मियों के कदम नहीं डगमगाए। केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। हालांकि, इसमें एसबीआई के कर्मचारी शामिल नहीं हुए। अन्य बैंकों की कुछ शाखाएं खुली रहीं मगर …

बरेली,अमृत विचार। प्रदेश सरकार ने बुधवार को एस्मा लागू कर दिया मगर गुरुवार को हड़ताली कर्मियों के कदम नहीं डगमगाए। केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। हालांकि, इसमें एसबीआई के कर्मचारी शामिल नहीं हुए। अन्य बैंकों की कुछ शाखाएं खुली रहीं मगर यहां ग्राहकों की दुश्वारियों को दूर करने का कार्य नहीं किया गया।

हड़ताल की वजह से एलआईसी में भी काम-काज ठप रहा। बीएसएनएल कर्मी भी हड़ताल में शामिल रहे। एक दिवसीय हड़ताल की वजह से करीब 160 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैंकिग लेन-देन प्रभावित रहा।

बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के बैनर तले सबसे पहले पीलीभीत बाईपास रोड स्थित केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन हुआ। कर्मचारियों की मांग थी कि सरकार बैंक के निजीकरण को लेकर अपनी नीति बदले। इसके कुछ समय बाद सभी आयकर भवन पहुंचे। यहां आयकर विभाग के रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सभी ने एक सुर में सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।

महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा 26 नवंबर 1949 को बाबा साहब अंबेडकर द्वारा देश को सौंपे संविधान में पूंजीपतियों के हित में हो रहे परिवर्तनों से देश का किसान, श्रमिक और कर्मचारी त्रस्त है। यूपीबीईयू के जिला मंत्री दिनेश सक्सेना ने कहा कि पूंजीपतियों को कम ब्याज पर लोन देकर सरकार जनता की बैंक में जमापूंजी पर ब्याज घटाती जा रही है जो अमानवीय है। इंकलाबी मज़दूर केंद्र के ध्यान चंद्र मौर्य ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को जनविरोधी बताते हुए बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के लिए इन्हीं नीतियों को उत्तरदायी बताया।

बीमा कर्मचारी संघ के महामंत्री गीता शांत ने कहा कि सरकार केवल एक एजेंडा के तहत काम कर रही है ताकि जनता का शोषण कर पूंजीपतियों का किसी तरह फायदा पहुंचाया जा सके। धरना-प्रदर्शन में पीपी सिंह, रंजन मोहले, अनुराग, लाईक अहमद, रमीज़ अली, चरण सिंह यादव, अरुण कुमार, आरके श्रीवास्तव, एसपी मिश्रा, सुधीर उपाध्याय, गोपाल वर्मा के अलावा ललित चौधरी, सुनील जैन, अमीर खां, सलीम अहमद, अंचल, विवेक शर्मा, सुनील भसीन, जितेंद्र कुमार, केपी सिंह, आरके शर्मा, मुकेश कुमार, अरविंद देव आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का शानदार संचालन आयकर के योगेश पाल ने किया।

केनरा समेत कई बैंकों का ताला तक नहीं खुला
एक के बाद एक बैंकों के निजीकरण की ओर सरकार कदम उठा रही है। इसे लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को इसका व्यापक विरोध ज्यादातर बैंकों में देखने को मिला। ऑनलाइन होने वाला भुगतान भी प्रभावित रहा। बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक सहित कई और बैंकों की कुछ शाखाओं में पूर्ण: तालाबंदी रही।

एक दिवसीय हड़ताल की वजह से 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसमें आरटीजीएस से लेकर चेक क्लीयरेंस आदि का कार्य भी प्रभवित रहा है। इस हड़ताल में बीमा कर्मचारी संघ का भी समर्थन रहा।

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