फर्रुखाबाद में मजहब की दीवार तोड़ इश्क के समंदर में डूबी मुस्लिम युवती, हिंदू युवक से रचाई शादी, घरवालों ने कहा ये...

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फर्रुखाबाद, अमृतपुर, अमृत विचार। " अगर तुम मिल जाओ जमाना छोड़ देंगे हम......"कहा जाता है प्रेम अंधा होता है। प्रेम में जीने वाले युगल जाति, धर्म, संप्रदाय, अमीरी, गरीबी व उम्र आदि सभी बंधनों को दर किनार कर साथ जीने मरने की कसमें खाते हैं...अपने प्रेम को पाने के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार हो जाते हैं। 

बीते मंगलवार को अमृतपुर का सिद्धपीठ भारत दास बाबा का मंदिर एक ऐसी शादी का साक्षी बना। जिसमें मजहबी दीवार को दर किनार कर शबीना से सुमन बनी मुस्लिम महिला ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेते हुए अपनी उम्र से छोटे थानाक्षेत्र के ग्राम रतनपुर निवासी विजय सिंह को अपने पति परमेश्वर के रूप में स्वीकार कर लिया।

ग्रामीणों के अनुसार विजय सिंह दिल्ली मे नौकरी करने गया था। वहां पर जिला बदायूं के उसैत थानाक्षेत्र की रहने वाली महिला शबीना से उसकी आंखे चार हो गई। दोनों का प्रेम परवान चढ़ा तो शबीना विजय सिंह के साथ भागकर उसके घर रतनपुर आ गई। गैर मजहब की लड़की के साथ देखकर परिजन आग बबूला हो गए और उन्होंने विजय को मारपीट कर घर से निकाल दिया। शबीना को भी घर पर नहीं रहने दिया। 

लेकिन विजय को पाने की जिद पर अड़ी शबीना थाने चक्कर लगाती रही। थाने मे दिनभर चली पंचायत के बाद लड़के के परिजन दोनों की शादी करने को तैयार हो गए। लड़के के परिजनों की मौजूदगी मे अमृतपुर कस्बा स्थित भारत दास बाबा मंदिर पर हिंदू धर्म स्वीकार करते हुए सुमन बनी शबीना ने अपने प्रेमी विजय सिंह के साथ शादी की रस्म अदा की और अपनी ससुराल रतनपुर के लिए विदा हो गई। देर रात तक चली इस शादी के समय मंदिर परिसर मे काफी भीड़ जमा हो गई। इस प्रेमी जोड़े की शादी की चर्चा पूरे क्षेत्र मे होती रही।

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