लखीमपुर खीरी: राजापुर मंडी में गेट पास पर रोक लगने से भड़के किसानों का हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। राजापुर मंडी में मंगलवार को किसानों के गेट पास बंद कर दिए गए है। इससे किसानों में आक्रोश पनप गया। गुस्साए किसानों ने जिला प्रशासन पर गेट पास बंद करने का आरोप लगाते हुए मंडी सचिव का घेराव कर मंडी गेट पर जमकर हंगामा काटा। किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों की अपेक्षा आढ़त पर गेहूं का अच्छा भाव मिल रहा है। ऐसे में किसान आढ़त पर गेहूं बेच रहा है। मगर, अधिकारी ने सरकारी केंद्रों पर ही गेहूं बेचने का दबाव बनाने के लिए गेट पास पर रोक लगा दी है। 

सरकार ने इस बार गेहूं का मूल्य 2425 रुपये घोषित किया है। जबकि आढ़त पर 2500 रुपये तक का भाव मिल रहा है। वहीं सरकारी केंद्रों पर किसानों को गेहूं बेचने में तमाम अड़चने आ रही हैं। इसलिए किसान आढ़त पर गेहूं बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में शासन से निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति न होता देखकर मंगलवार को मंडी में गेट पास पर रोक लगा दी गई। इस पर मंडी पहुंचे किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। आक्रोशित किसानों ने मंडी सचिव कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। किसानों ने बताया कि गेट पास न देने के निर्देश पर आढ़तियों ने भी तौल बंद कर दी। किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मंडी सचिव ने डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय से वार्ता की। इसके बाद आढ़त पर दोपहर तीन बजे के बाद दोबारा तौल हो शुरू हो सकी। 

डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय ने बताया कि किसान अपनी फसल कहीं भी बेचने के लिए स्वतंत्र है। किसान दबाव बनाने का जो आरोप लगा रहे वह बेबुनियाद है। हालांकि किसानों से हमारा अनुरोध है कि वह अपनी फसल सरकारी क्रय केंद्र पर ही बेंचे।  मंडी सचिव आशीष सिंह के मुताबिक प्रशासन के आदेश पर तौल बंद हुई थी। हालांकि किसानों से वार्ता करने के बाद तौल शुरू हो गई है। 

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