बरेली: दुर्गा बनी बिटिया, दरिंदे को घायल कर बचाई आबरू

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अमृत विचार, बरेली। बेटियों को यूं ही मां दुर्गा का स्वरूप नहीं माना जाता है। बेटियां शक्तिस्वरूपा होती भी हैं। अगर ठान लें तो दरिंदा चाहे जितना बलशाली हो, उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। ऐसे ही साहस कैंट थाना क्षेत्र में एक आठ वर्ष की शक्तिस्वरूपा बेटी ने दिखाया। कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार …

अमृत विचार, बरेली। बेटियों को यूं ही मां दुर्गा का स्वरूप नहीं माना जाता है। बेटियां शक्तिस्वरूपा होती भी हैं। अगर ठान लें तो दरिंदा चाहे जितना बलशाली हो, उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। ऐसे ही साहस कैंट थाना क्षेत्र में एक आठ वर्ष की शक्तिस्वरूपा बेटी ने दिखाया। कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात में पड़ोस में बरात देखने गई आठ साल की बच्ची को एक युवक उठाकर ले गया। युवक ने उसके कपड़े उतार दिए और दुष्कर्म का प्रयास करने लगा लेकिन बच्ची की हिम्मत के चलते वह कामयाब नहीं हो सका।

बच्ची ने हिम्मत दिखाते हुए युवक को दांतों से काट लिया और उसे धक्का देकर भाग गई। वह तुरंत घर पहुंची और परिजनों को अपने साथ हुई वारदात के बारे में जानकारी दी। इसके बाद बच्ची की चाची ने आरोपी के खिलाफ कैंट थाना में रिपोर्ट दर्ज करायी है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

कैंट के झील गौटिया निवासी आठ साल की बच्ची तीसरी क्लास में पढ़ती है। उसके पिता बरेली से बाहर काम करते हैं और उसकी मां की मौत हो चुकी है। वह अपनी दादी के साथ रहती है। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की उसके पड़ोस में शादी थी। बच्ची बरात देखने गई थी। शादी का पंडाल उनके मकान के पीछे ही खेत में लगा था।

परिजन रात में पंडाल में मौजूद थे कि तभी बच्ची शौच करने के लिए पंडाल के पीछे गई तो वहां गांव का रहने वाला विपिन आ गया और उसे खींचकर पास के खेत में लेकर गया। यहां उसने बच्ची के कपड़े उतार दिए और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। बच्ची ने उसे काट लिया और धक्का देकर भाग गई। बच्ची निर्वस्त्र हालत में ही घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजन तुरंत पंडाल के पीछे गए लेकिन आरोपी मौके से भाग गया।

इस बारे में एसएचओ कैंट धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी विपिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी की उम्र 20 वर्ष है। वह मजदूरी करता है। उसके परिवार में तीन भाई व एक बहन हैं। उसे जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बैंड-बाजे के शोर में दब गई मासूम की आवाज

जिस वक्त विपिन बच्ची को उठाकर ले गया था उस वक्त उसने उसका मुंह दबा लिया था। उस दौरान बैंड भी बज रहा था। मुंह दबा होने और बैंड की तेज आवाज की वजह से वह शोर ही नहीं कर सकी। कुछ आवाज निकली भी तो किसी को कुछ सुनाई भी नहीं दिया। जिस वक्त विपिन ने वारदात को अंजाम दिया उस वक्त वह शराब के नशे में बताया जा रहा है। जिस वजह से बच्ची के धक्का देने पर वह उठकर उसे पकड़ नहीं सका। यदि वह बच्ची को दोबारा पकड़ लेता तो शायद वह बच्ची की हत्या भी कर देता।

शादी-पार्टी में रखें बच्चों का ध्यान

शादी-पार्टी में बच्ची के साथ इस तरह की जिले में पहली वारदात नहीं है। पहले भी कई वारदातें हो चुकी हैं जिसमें आरोपियों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या भी कर दी है। अलीगंज, भमोरा में इसी वर्ष दो बच्चियों व एक बच्चे की इसी तरह से वारदात के बाद हत्या की जा चुकी है। इसके अलावा भी अन्य कई तरह से बच्चों के साथ वारदातें हो रही हैं। कुछ दिनों पहले किला और प्रेमनगर में भी पड़ोसियों ने बच्चों के साथ वारदात को अंजाम दिया था।

बहेड़ी में घर के बाहर खेल रहे बच्चे के साथ कुकर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। ऐसे में लोगों को अपने बच्चों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें गुड टच, बैड टच के बारे में भी जानकारी देनी चाहिए। बच्चों को अकेले में कहीं नहीं जाने देना चाहिए। खासकर शादी समारोह में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इन कार्यक्रमों में भीड़ और शोरगुल ज्यादा होता है।

नारी सशक्तिकरण और महिलाओं के जागरूक होने से काफी बदलाव आ सकता है। इस मामले में आठ साल की बच्ची ने जो साहस दिखाया वह अन्य महिलाओं और लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है। मुश्किल समय में लड़कियां खुद को सरेंडर न करें बल्कि कड़ा विरोध करें। ऐसा करके वे काफी हद तक उनके साथ होने वाले अपराधों को रोक सकती हैं। ये दादी की अच्छी परवरिश ही थी जो बच्ची को अच्छे और बुरे के बारे में सिखाया। इसी वजह से उसने विषम परिस्थिति में डटकर मुकाबला करते हुए कड़ा विरोध किया। -डा. हेमा खन्ना, मनोवैज्ञानिक, बरेली कॉलेज

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