बरेली: अब घर बैठे स्मार्ट मीटर की दिक्कतें होंगी दूर
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट मीटर में होने वाली समस्या से निपटने के लिए अब बिजली विभाग ने नई पहल की है। इसके तहत अवर अभियंता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर में होने वाली शिकायतों के बारे में पूछेंगे। उसके बाद उपभोक्ता अपनी शिकायत एक फार्म में भरकर नोट कराएंगे। फिर विभागीय अधिकारी उनकी समस्या का समाधान …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट मीटर में होने वाली समस्या से निपटने के लिए अब बिजली विभाग ने नई पहल की है। इसके तहत अवर अभियंता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर में होने वाली शिकायतों के बारे में पूछेंगे। उसके बाद उपभोक्ता अपनी शिकायत एक फार्म में भरकर नोट कराएंगे। फिर विभागीय अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करेंगे।
मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी और विभाग को हाईटेक बनाने के लिए बिजली निगम की ओर से प्रदेश के साथ जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया गया था। शुरुआती चरण में शहर के प्रथम और चौथे खंड में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ था। इसमें करीब 52 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। बाद में मीटर में आने वाली शिकायतों को देखते हुए नए मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई थी। अब विभाग की तरफ से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राहत देने वाला कदम उठाया गया है।
उपभोक्ता परिषद की मांग पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर पॉवर कारपोरेशन के एमडी एम. देवराज ने फीडबैक फॉर्म जारी किया है। इसमें स्मार्ट मीटर उपभोक्ता फीडबैक फॉर्म भरकर बता सकेंगे कि उन्हें स्मार्ट मीटर से समस्या है या नहीं।
भरवाए जाएंगे फॉर्म
पावर कॉरपोरेशन के एमडी की ओर से सभी कंपनियों के एमडी को स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से फीडबैक फॉर्म भराने का निर्देश जारी किया गया है। इस फॉर्म में अनेक विवरण के साथ यह भी अंकित है की स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता संतुष्ट है या नहीं। अगर उपभोक्ता असंतुष्ट है तो उसे उसका कारण बताना होगा।
लगातार आ रही थीं शिकायतें
स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही लगातार अधिक बिल और जंपिंग की शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं। जन्माष्टमी के मौके पर बरेली सहित कई जिलों में अचानक ब्लैक आउट होने से अंधेरा छा गया था। अब नई योजना के तहत अवर अभियंता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर उपभोक्ता से फॉर्म भरवाएंगे।
“स्मार्ट मीटर की समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता की शिकायत पर उन्हें नोट कर तत्काल सही कराया जाता है। फार्म वाला आदेश अभी उन्हें नहीं मिला है। अगर आदेश आता है तो उसका भी पालन कराया जाएगा।” -कर्म सिंह, मीटर अधिशासी अभियंता
