लखनऊ: 61 फीसदी उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकारा
लखनऊ। भविष्य में स्मार्ट मीटर उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा करने वाला है। कारण है कि प्रदेश के उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकारना शुरू कर दिया है। बता दें कि रविवार को लगभग 12 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर के बारे में लिखित फीड बैक 1912 के माध्यम …
लखनऊ। भविष्य में स्मार्ट मीटर उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा करने वाला है। कारण है कि प्रदेश के उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकारना शुरू कर दिया है। बता दें कि रविवार को लगभग 12 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर के बारे में लिखित फीड बैक 1912 के माध्यम से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा सामने आया है। जिसमें 61 फीसदी उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकार दिया है।
उन्होंने दिए गए फीडबैक में बतया कि स्मार्ट मीटर ठीक नहीं है। अन्य मीटरों की अपेक्षा यह तेजी से भागता और जल्द खराब होता है। सिर्फ 38 फीसद उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के प्रति संतुष्ट दिखे।
गौरतलब है कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 1912 के माध्यम से मोबाइल पर पहले दिन कुल लगभग 2230 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बात कर उनका फीडबैक लिया। जिसमें से कुल 1067 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर फीडबैक में शामिल होते हुए अपनी असंतुष्टि जाहिर की।
वहीं 669 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं ने संतुष्टि जाहिर की। इसके साथ ही छह फीसदी ऐसे उपभोक्ता रहे जो कि मीटर स्मार्ट मीटर से पूरी तरह से संतुष्ट हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर के प्रति अन्य मीटरों से ज्यादा विश्वास दिखाया। इसके अलावा 488 उपभोक्तााओं का कोई फीडबैक रिपोर्ट में नहीं अंकित किया गया।
बताया जा रहा है कि कुल मिलाकर उपभोक्ताओं की नजर में स्मार्ट मीटर फेल है। बता दें कि अभी तक घर-घर जाकर फीडबैक लिया जाना है। उपभोक्ता परिषद स्मार्ट मीटर फीडबैक पर अपनी नजरें बनाये हुए है। उसे डर है कि मीटर निर्माता कम्पनियां और ईईएसएल कोई बड़ा खेल न कर दें। दूसरी ओर प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में भी स्मार्ट मीटर को लेकर इसी तरह के फीड बैक आ रहे हैं। इससे हड़कंप मचा हुआ है।
उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के समस्त स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से अपील है कि वह स्मार्ट मीटर से आने वाली सभी समस्याओं व दिक्कतों के बारे मे बेबाक होकर अपनी राय दें। उन्होंने कहा कि वह दिन अब दूर नहीं जो कि 12 लाख उपभोक्ता स्मार्ट मीटर परियोजना का भविष्य तय करेंगे।
