शाहजहांपुर: 19 साल पुराने हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास
शाहजहांपुर, अमृत विचार। थाना कांट के गांव मुड़िया आस निवासी नरेंद्र और जगतपाल को कोर्ट ने वर्ष 2006 में हुई हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा और अर्थदंड से दडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना कांट के गांव मुड़िया आस निवासी भल्लू उर्फ होशियार सिंह अपनी पत्नी सुनीता देवी, भाई महेंद्र कुमार, मां सुला देवी व रमेश सिंह के साथ छह मार्च 2006 को शाम चार बजे घर में मौजूद थे, उसी समय गांव के नरेंद्र सिंह, जगतपाल और हेत सिंह आए और भल्लू को शराब पिलाने के बहाने से घर से बुला ले गए। पता चला कि जमुनिया ठेके पर शराब पी लेकिन भल्लू रात में घर नहीं पहुंचा, तब परिवार वालों ने उसकी तलाश की। सुबह आरोपी भी अपने घर पर नहीं मिले, तब महेंद्र सिंह ने भाई भल्लू की परिवार के अन्य लोगों के साथ मिलकर तलाश की। थाना जलालाबाद के गांव पुरेना में उत्तर पुत्र खेमा के मसूर के खेत में भल्लू का शव मिला।
महेंद्र की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ पुरानी रंजिश में तमंचे से गोली मारकर हत्या किए जाने आदि की धाराओं में कांट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 10 में मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल वर्मा के तर्को को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के पश्चात न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने नरेंद्र और जगतपाल को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
वहीं लंबे समय से हेत सिंह न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ, उसके खिलाफ एनबीडल्यू, 82 व 83 की कार्रवाई शुरू की गई। 18 जुलाई 2024 को हेत सिंह की पत्रावली को अलग कर दिया गया, इसलिए हेत सिंह के खिलाफ कोई आदेश पारित नहीं किया गया। कोर्ट ने जुर्माना की कुल 40 हजार रुपये की धनराशि से 30 हजार रुपये मृतक के विधिक वारिसान को दिए जाने व शेष राशि राजकीय कोष में जमा किए जाने के आदेश दिए।
