बरेली-मुरादाबाद एमएलसी शिक्षक सीट पर लहराया भगवा
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-2020 की सीट पर भगवा रंग चढ़ गया। मतदाताओं ने भाजपा के उम्मीदवार डा. हरि सिंह ढिल्लों को एकतरफा जीत दिलायी। सपा उम्मीदवार संजय कुमार मिश्रा ‘गुरुजी’ इस बार पार्टी की साख नहीं बचा पाये। उन्हें 4864 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। …
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-2020 की सीट पर भगवा रंग चढ़ गया। मतदाताओं ने भाजपा के उम्मीदवार डा. हरि सिंह ढिल्लों को एकतरफा जीत दिलायी। सपा उम्मीदवार संजय कुमार मिश्रा ‘गुरुजी’ इस बार पार्टी की साख नहीं बचा पाये। उन्हें 4864 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इतने वोट लेकर वह दूसरे नंबर पर रहे। डा. ढिल्लों ने 7963 वोट के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है।
पहले चरण के रुझान में डा. ढिल्लों चार हजार से अधिक वोटों की बढ़त लेकर आगे थे। दूसरे चरण में 15995 मतों की गणना के परिणाम ने चुनाव की आधी तस्वीर साफ करते हुये यह अंदेशा जता दिया था कि सीट भाजपा के खाते में जा रही है। अंतिम चरण में तस्वीर साफ हो गयी और डा. ढिल्लों विजयी निर्वाचित हुये।
बरेली-मुरादाबाद सीट पर नौ जनपदों के 36703 मतदाताओं को वोट देने थे। 1 दिसंबर को मतदान हुआ, जिसमें 26803 शिक्षक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गुरुवार की सुबह 8 बजे रिटर्निंग ऑफिसर रणवीर प्रसाद की मौजूदगी में गणना शुरू हुई। प्रथम वरीयता की मतगणना के पहले राउंड से एकतरफा भाजपा के पक्ष में रुझान आने शुरू हो गये थे। जीत के साथ भाजपा के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई।
डा. ढिल्लों को निर्धारित कोटे से अधिक वोट मिले
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन सीट पर जीत के लिये 12757 वोट हासिल करने का कोटा निर्धारित था, जबकि भाजपा प्रत्याशी डा. हरि सिंह ढिल्लों को 12827 वोट मिले थे। निर्धारित कोटे से भी उन्हें ज्यादा मत मिले। इसलिये डा. ढिल्लों विजयी निर्वाचित हुये। 1 दिसंबर को हुये मतदान में 26803 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें से 1290 मत निरस्त हो गये। 25513 मत उम्मीदवारों को मिले।
मतपेटी खुली तो मतपत्र के साथ मिले 50 रुपये के दो नोट
निर्धारित समय पर संजय कम्युनिटी हॉल में मतपेटियों को खोलने और बंडल बनाने का काम शुरू हो गया। मतगणना कार्मिक मतपेटिका खोल रहे थे, तभी उन्हें मतपेटिका में 50-50 रुपये के नोट नजर आये तो वह हैरान रह गए। नोट मिलने की जानकारी तत्काल कमिश्नर और डीएम से साझा की गयी। ऐसा माना जा रहा है कि मतपेटियों में मतपत्रों को रखने के दौरान किसी कर्मचारी की जेब से यह रुपये मतपेटी में ही गिर गए होंगे।
“संजय मिश्रा की हार अप्रत्याशित दिखाई देती है। पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने बहुत मेहनत से चुनाव लड़ाया। कहीं न कहीं भाजपा का वोटिंग के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी चुनाव को प्रभावित करने वाला दिखाई देता है। मतदान के दिन क्षेत्र से फर्जी वोटिंग की सूचनाएं पूरे दिन आती रहीं।” -अगम मौर्य, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
