बरेली: मन्नतों के चिरागों से जगमगा उठी खानकाह-ए-नियाजिया
बरेली, अमृत विचार। सब को उल्फत के मरकज पे लाऊंगा मैं, एकता का दीया फिर से जलाऊंगा मैं… ये लाइन शहर के खानकाह-ए- नियाजिया पर सटीक बैठती हैं। यह ऐसा धार्मिक स्थल है, जो कि सौहार्द का संदेश दे रहा। यहां हर साल होने वाला विशेष आयोजन हर वर्ग, हर समुदाय को अपनी ओर खींचता …
बरेली, अमृत विचार। सब को उल्फत के मरकज पे लाऊंगा मैं, एकता का दीया फिर से जलाऊंगा मैं… ये लाइन शहर के खानकाह-ए- नियाजिया पर सटीक बैठती हैं। यह ऐसा धार्मिक स्थल है, जो कि सौहार्द का संदेश दे रहा। यहां हर साल होने वाला विशेष आयोजन हर वर्ग, हर समुदाय को अपनी ओर खींचता है। गुरुवार को यहां जश्न-ए-चिरागा का आयोजन किया। इसमें हर धर्म से जुड़े लोगों ने मन्नतों के चिराग रोशन किये।
खानकाह नियाजिया में गुरुवार को खास दिन था। यहां लोग अपनी-अपनी मन्नतों की मुराद लेकर शाम से ही कतारबद्ध थे। सब को इंतजार था शाम होने का। ताकि उन्हें मन्नतों का चिराग जलाने का मौका मिल सके। सूरज डूबते ही खानकाह में एक-एक करके चिराग रोशन होने लगे।
रात तक पूरी आंगन में हजारों चिराग रोशन हो उठे और इसकी पीली रोशनी से नहायी खानकाह की दीवारें जगमगाने लगी। इस रूहानी मंजर के बीच अपनी परेशानी से निजात के लिए दुआ मांगते हुए तमाम मन्नतियों की आंखें आंसुओं से डूबी नजर आईं। रात में फातिहा के बाद लोगों को लंगर बांटा गया।
छोटे जश्न-ए-चिरागा के लिए कहा जाता है कि इस जश्न में चिराग जलाने के एक साल में उसकी मुराद पूरी हो जाती है। इसी उम्मीद को लेकर इस बार भी शहर के अलावा दूरदराज राज्यों तक के जायरीन यहां अपनी मन्नतें लिए पहुंचे। इस जश्न का पहला खानकाही चिराग सज्जदानशीन शाह मोहम्मद मेहंदी मियां ने रोशन किया। फिर इसी चिराग की लौ से लौ जुड़ती गई, जो उनके ही हाथों से बांटे गए। बड़े जश्ने चिरागा में हर धर्म के लोग शामिल हुए।
इस मौके पर खानकाह में कौमी एकता की मिसाल देखने को मिली। इस बारे में प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी ने बताया की बुधवार को महिलाओं के लिए छोटे चरागे का आयोजन किया गया था। इसी क्रम में कव्वाली का भी आयोजन किया गया, जिसमें देर रात कव्वाल अपने कलाम पेश करते रहे।
अमन कमेटी के पदाधिकारियों ने किया शब्बू मियां का स्वागत
खानकाह-ए-नियाजिया के जश्ने चिरागा में अमन कमेटी के पदाधिकारी भी पुलिस प्रशासन के साथ मौजूद रहे। सभी ने शब्बू मियां नियाजी को मुबारकबाद देते हुए उनका फूल मालाओं से स्वागत किया। प्रदेश महासचिव नदीम इमबात ने कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए इस महामारी के खात्मे की दुआ की और खानकाह-ए-नियाजिया को हिंदू-मुस्लिम सिख ईसाई भाईचारे का संदेश दिया। इस दौरान कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कदीर अहमद, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अलीम खां, उवैस खां, गुड्डू, मनोज आदि मौजूद रहे।
