एनआईए ने असम में विस्फोट की साजिश के मामले में परेश बरुआ समेत तीन के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर असम में आईईडी धमाकों की साजिश रचने के मामले में म्यांमा आधारित प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) के प्रमुख परेश बरुआ सहित तीन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि बरुआ को परेश असोम, कामरुज जमान खान, नूर-उज-जमान, जमान भाई, प्रदीप, पबन बरुआ के नाम से भी जाना जाता है। वह प्रतिबंधित आतंकवादी समूह यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) का अध्यक्ष और स्वयंभू ‘कमांडर-इन-चीफ’ है। 

एनआईए ने एक बयान में कहा कि बरुआ, अभिजीत गोगोई और जाह्नु बोरुआ उर्फ ​​अर्नोब असोम उर्फ ​​हंटू पर शुक्रवार को गुवाहाटी की एक अदालत में भारतीय न्याय संहिता, विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए। 

एजेंसी ने कहा कि तीनों का संबंध उल्फा (आई) द्वारा गुवाहाटी के दिसपुर लास्ट गेट पर लगाए गए आईईडी से पाया गया, जो 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को बाधित करने के लिए असम भर में कई विस्फोट करने की व्यापक साजिश का हिस्सा था। सितंबर 2024 में जांच का जिम्मा संभालने वाली एनआईए ने पाया कि आईईडी मौत या चोट पहुंचाने, संपत्ति को नष्ट करने और भारत की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता को खतरे में डालने तथा लोगों के बीच आतंक फैलाने के इरादे से लगाए गए थे।  

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