बरेली: दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास
बरेली, अमृत विचार। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) अरविन्द कुमार शुक्ला की कोर्ट ने अभियुक्त यशपाल निवासी ग्राम तरा गौटिया, फतेहगंज पूर्वी को दोषसिद्ध करार देते हुये 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी। आरोपी पर 36 हजार रुपये अर्थदण्ड भी …
बरेली, अमृत विचार। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) अरविन्द कुमार शुक्ला की कोर्ट ने अभियुक्त यशपाल निवासी ग्राम तरा गौटिया, फतेहगंज पूर्वी को दोषसिद्ध करार देते हुये 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी। आरोपी पर 36 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया गया। अर्थदण्ड की आधी धनराशि पीड़िता को दी जायेगी।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम मकरन्दापुर निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस महानिरीक्षक को 19 जून, 2012 को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री एक फार्म पर ढेंचा फटकने के लिए जाती थी। 4 मई, 2012 को फार्म हाउस मालिक का कंडक्टर यशपाल उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया। डेढ़ माह से पुत्री का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। यशपाल के घर गया तो उसके भाईयों ने गालीगलौच व हाथापाई कर भगा दिया। थाना पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। तत्कालीन आईजी के आदेश पर थाना भोजीपुरा पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि यशपाल झाले से बहला फुसलाकर मोटर साइकिल से उसे अपने साथ ले गया था और उसकी मर्जी के विरुद्ध जबरदस्ती शादी कर दुष्कर्म किया। जिससे उसके एक पुत्री का जन्म हुआ। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर पीड़िता के बयान के आधार पर केस में दुष्कर्म की धारा 376 बढ़ा दी। इसके बाद यशपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सत्र परीक्षण के दौरान एडीजीसी क्राइम सुरेश बाबू साहू ने कथानक के समर्थन में दस गवाह अदालत में पेश किये थे।
