वैक्सीन: खुशखबरी

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Edited By Amrit Vichar
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दुनिया में कोरोना वायरस से लड़ाई में अब चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को एक सफल वैक्सीन की प्रतीक्षा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में भारत के लिए उपयुक्त कोरोना वैक्सीन पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में यह वैक्सीन तैयार हो जाएगी …

दुनिया में कोरोना वायरस से लड़ाई में अब चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को एक सफल वैक्सीन की प्रतीक्षा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में भारत के लिए उपयुक्त कोरोना वैक्सीन पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में यह वैक्सीन तैयार हो जाएगी और वैज्ञानिकों के हरी झंडी देते ही देश में टीकाकरण शुरू हो जाएगा। यह बात देश के लिए बड़ी राहत पहुंचाने वाली है।

कोरोना को लेकर फरवरी-मार्च में आशंकाओं और डर भरे माहौल से लेकर शुक्रवार 4 दिसंबर के विश्वास और उम्मीदों भरे वातावरण के बीच भारत ने बहुत लंबी और कठिन यात्रा तय की है। देश में वैक्सीन बनने की व्यक्तिगत समीक्षा करने को प्रधानमंत्री ने तीन शहरों की यात्रा की। यह पहल निश्चित रूप से हमारे वैज्ञानिकों का आत्मविश्वास बढ़ाएगी।

कोरोना की दूसरी लहर चल रही है और दिल्ली समेत कई राज्यों में लगातार संक्रमण के मामले मिल रहे हैं। ठंड में संक्रमण और विकराल होने का अनुमान विशेषज्ञ लगा रहे हैं, ऐसे में बेहद चिंता के बीच वैक्सीन ही बचाव है। हालांकि जल्द ही वैक्सीन अपने देश में भी बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

ऐसे में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले कुछ हफ्तों में वैक्सीन आने और उसके बाद टीकाकरण की बात कहकर यह तो संकेत दे दिए हैं कि वैक्सीन के लिए बहुत लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले एम्स के निदेशक डाक्टर रणदीप गुलेरिया उम्मीद जता चुके हैं कि दिसंबर के अंत या जनवरी की शुरुआत में किसी वैक्सीन को भारत में आपात मंजूरी मिल सकती है।

प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक में बताया कि वैक्सीन की कीमतों पर केंन्द्र व राज्य सरकारों के बीच बातचीत जारी है। इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले उनकी वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों से भी बात हुई है। हमारे वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर काफी आश्वस्त हैं। भारत में आठ वैक्सीन ट्रायल के अलग-अलग चरण में हैं और उनका उत्पादन भारत में ही होगा।

टीकाकरण को लेकर प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया है कि पहले चरण में हेल्थकेयर वर्कर्स, फिर फ्रंटलाइन वर्कर्स, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जुड़े लोगों को टीका लगाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैक्सीन की कीमत सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए तय की जाएगी और राज्य सरकारें इसमें प्रमुख भूमिका निभाएंगी। प्रधानमंत्री के इस बयान के साफ संकेत हैं कि कोरोना की वैक्सीन मुफ्त नहीं मिलेगी। अब जब हम वैक्सीन के मुहाने पर खड़े हैं तो वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने के साथ जन भागीदारी व सहयोग बनाए रखना बहुत जरूरी है।