बरेली: अब गन्ना पर्ची की तारीख निकलने पर किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

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बरेली,अमृत विचार। अब गन्ना पर्ची की तारीख निकलने के बाद भी किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पर्ची की तिथि समाप्त होने के बाद संबंधित किसान के लिए स्वत: ही दूसरी पर्ची जारी हो जाएगी। इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग सिस्टम (ईआरपी) के माध्यम से स्वत: ही आगामी इंडेंट में नई तिथि की गन्ना पर्ची …

बरेली,अमृत विचार। अब गन्ना पर्ची की तारीख निकलने के बाद भी किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पर्ची की तिथि समाप्त होने के बाद संबंधित किसान के लिए स्वत: ही दूसरी पर्ची जारी हो जाएगी। इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग सिस्टम (ईआरपी) के माध्यम से स्वत: ही आगामी इंडेंट में नई तिथि की गन्ना पर्ची किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पहुंच जाएगी।

सरकार डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए लगभग सभी व्यवस्थाएं आनलाइन कर रही है। इसी क्रम में कोरोना काल में गन्ना किसानों को सहूलियत देने के उद्देश्य से मैनुअल व्यवस्था खत्म कर पंजीकृत नंबर पर एसएमएस से गन्ना पर्ची भेजी जा रही है जबकि पहले कागज की पर्ची जारी होती थी। इस पर्ची पर अंकित तिथि के दो दिन तक गन्ना डालना होता है। किसी कारण से यदि निर्धारित तिथि निकल जाती तो किसानों को गन्ना पर्ची जमा करानी होती थी। इसके लिए किसानों को परेशान होना पड़ता था मगर अब ऐसा नहीं होगा।

जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था में गन्ना पर्ची की निर्धारित तिथि निकलने के बाद ईआरपी के माध्यम से स्वत: ही आगामी इंडेंट में नई तिथि की दूसरी गन्ना पर्ची जारी हो जाएगी। दो बार तिथि निकलने पर आगामी इंडेंट में पर्ची आ जाएगी। इसके बाद उक्त क्रमांक की पर्ची निरस्त होगी। कैलेंडर में नए सिरे से पर्ची दर्ज की जाएगी।

उन्होंने अपील की है कि किसान मोबाइल फोन के इनबाक्स को खाली रखें जिससे गन्नाा पर्ची का एसएमएस समय से मिलता रहे। गन्ना विभाग के इस आदेश से किसानों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा बीते सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने को लेकर भी चीनी मिलों को निर्देश जारी किए गए हैं।

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