स्वागत योग्य निर्णय

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Edited By Amrit Vichar
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आयुष निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) की स्थापना के लिए मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया है। हाल ही में आयुष व्यापार और उद्योग की संयुक्त समीक्षा बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और आयुष मंत्री श्रीपद नाइक द्वारा यह निर्णय लिया गया। यह निर्णय स्वागत …

आयुष निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) की स्थापना के लिए मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया है। हाल ही में आयुष व्यापार और उद्योग की संयुक्त समीक्षा बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और आयुष मंत्री श्रीपद नाइक द्वारा यह निर्णय लिया गया। यह निर्णय स्वागत योग्य है। इससे आयुष निर्यात को बढ़ावा देने के लिए संपूर्ण आयुष क्षेत्र मूल्य और गुणवत्ता प्रतिस्पर्धा को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
वास्तव में भारत और विदेशों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आयुष क्षेत्र में व्यापार और वाणिज्य में तेजी से वृद्धि करने की जरूरत है।
सच तो यह है कि स्वतंत्रता के बाद आयुर्वेद पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके महत्व को पहचानते हुए इस पर ध्यान दिया। याद है कि कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए महामारी के दौरान मंत्रालय द्वारा विभिन्न कदम उठाए गए। उपलब्ध ज्ञान कहता है कि कोरोना वायरस संक्रमण और महामारी को आगे बढ़ने से रोकने में अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता मददगार है। कोरोना महामारी पर काबू पाने को आयुष मंत्रालय ने अधिक जोखिम वाले लोगों तथा रोगियों के संपर्क में आए लोगों के उपचार के लिए कोविड प्रतिरक्षा प्रोटोकाल जारी किए। इसमें कहा गया था कि रोजाना योग करने, च्यवनप्राश का सेवन करने, गिलोय, जीरा, हल्दी, धनिया जैसे मसालों का इस्तेमाल करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और कोविड-19 से बचाव हो सकेगा। इससे आबादी के बड़े वर्ग को राहत भी मिली। कोवि-19 के मद्देनजर आयुष-आधारित समाधानों को जनता तक पहुंचाने के लिए आयुष मंत्रालय के प्रयासों की प्रशंसा भी की गई। हाल के महीनों में आयुष उत्पादों के निर्यात में तेजी से कई देशों में उनकी बढ़ती लोकप्रियता को आसानी से समझा जा सकता है। ऐसे में आवश्यक हो गया कि आयुष मंत्रालय आयुष उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य और वित्त मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करें।
अब तय हो गया है कि आयुष मंत्रालय और वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय साथ मिलकर एक आयुष निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना करेंगे। यह अच्छी पहल है। प्रस्तावित एईपीसी को आयुष मंत्रालय में रखा जा सकता है। आयुष के लिए सिस्टम कोड का मानकीकरण शीघ्र किया जाएगा। उम्मीद की जा सकती है कि मंत्रालय भारतीय मानकों के साथ मिलकर आयुष उत्पादों के साथ-साथ सेवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को विकसित करने के लिए काम करेगा।