हेट स्पीच मामले में अब्बास अंसारी को राहत मिलेगी या नहीं? हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

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दो साल की सजा पर रोक की मांग की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी

प्रयागराज, अमृत विचार : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हेट स्पीच मामले में अब्बास अंसारी द्वारा दाखिल याचिका पर बुधवार को फैसला सुरक्षित कर लिया, याचिका में उन्होंने मऊ की एमपी-एमएलए अदालत द्वारा दी गई दो साल की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। बता दें कि अब्बास अंसारी को 31 मई 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट, मऊ ने 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रशासन को धमकी देने के आरोप में दोषी करार देते हुए दो साल कैद और 2000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।

अंसारी के खिलाफ पुलिस थाना कोतवाली,मऊ में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। कोर्ट ने उन्हें आईपीसी की धारा 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्यता फैलाना) और 189 (सरकारी कर्मचारी को धमकाना) के तहत दोषी माना था। इस सजा के कारण जून में अब्बास अंसारी की उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्यता निरस्त कर दी गई। उन्होंने सजा के खिलाफ अपील मऊ के अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष (एमपी-एमएलए कोर्ट) दाखिल किया था, लेकिन 5 जुलाई को दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी अर्जी खारिज कर दी गई।

इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की। गौरतलब है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दो साल या अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। हालांकि दोषसिद्धि पर रोक लगने की स्थिति में अयोग्यता अस्थायी रूप से टल सकती है। अब्बास अंसारी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर 2022 में मऊ सदर सीट से पहली बार विधायक चुने गए थे। उनके पिता मुख्तार अंसारी इसी सीट से पांच बार विधायक रह चुके थे।

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