उफान पर घाघरा! खतरे के निशान से 40 सेंमी ऊपर,  तटवर्ती इलाकों के कई गांवों पर बढ़ाई गई चौकसी

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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गोंडा, अमृत विचार : पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से हो रहे भारी डिस्चार्ज के चलते घाघरा नदी उफान पर है। बुधवार को दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 106.490 मीटर तक‌ पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 

इसको देते हुए बाढ़ खंड प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने बेलसर क्षेत्र के ऐली परसौली स्थित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया और मौजूद अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। सीडीओ ने राहत केंद्र पर रखी गयी सामग्री का स्टॉक भी चेक किया।

सोमवार से नदी का जलस्तर डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बैराजों से छोड़े गए पानी में गिरिजा बैराज से 1 लाख 72 हजार 973 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1 लाख 72 हजार 114 क्यूसेक और सरयू बैराज से 31 हजार 779 क्यूसेक पानी शामिल है। कुल डिस्चार्ज 3 लाख 76 हजार 866 क्यूसेक दर्ज किया गया है। जबकि सुबह आठ बजे डिस्चार्ज 3 लाख 65 हजार 995 क्यूसेक था। 

नदी के उफान से तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। नकहरा सहित गोंडा-बाराबंकी सीमा के कई गांवों में पानी तेजी से फैलने लगा है। करनैलगंज एसडीएम यशवंत कुमार ने बताया कि हालात को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। 

राहत और बचाव कार्य के लिए राजस्वकर्मियों सहित अन्य विभागीय अमले को सक्रिय कर दिया गया है। बांधों की निगरानी और कटान रोकने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। बाढ़ खंड के अभियंता मौके पर मौजूद रहकर बांध पर कैंप किए हुए हैं। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

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