लखीमपुर खीरी : अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा अलीगंज का श्मशान घाट
न बाउंड्री, न टिनशेड, मैदान में उगी घासफूस
गोला गोकर्णनाथ, अमृत विचारः गोला विधानसभा का प्रमुख कस्बा, राजनीति का केंद्र बिंदु माना जाने वाला अलीगंज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है। स्थानीय और क्षेत्रीय राजनेताओं की उपेक्षा का शिकार कस्बे में सरकारी इंटर कॉलेज, खेल मैदान, अस्पताल तो दूर की बात, बारिश के मौसम में हिंदुओं के दाह संस्कार के लिए आरक्षित भूमि पर अत्येष्टि स्थल तक नही बना है। इस भूमि पर बाउंड्रीवॉल नहीं है। बारिस में मैदान घासफूस से घिर चुका है।
सपा सरकार में अल्पसंख्यकों के कब्रिस्तान निर्माण योजना में उनके कब्रिस्तान का तो निर्माण कराया था, पर प्रदेश में नौ वर्षों से हिंदूवादी सनातनी सरकार होने के बाबजूद हिंदू अंत्येष्टि स्थल आज भी दुर्दशा ग्रस्त है। अंत्येष्टि स्थल की बाउंड्री न होने से छुट्टा पशु घास चरते रहते हैं। घास बड़ी होने से अंतिम संस्कार में जाने वाले लोगों को सांप व अन्य कीटों का खतरा रहता है। साथ ही पड़ोस में क्षेत्र का प्रमुख हनुमान मंदिर मार्ग भी सालों से जर्जर स्थिति में है। कस्बावासियों का कहना है कि अलीगंज के विकास पर कोई भी सरकार रही हो, कोई भी जनप्रतिनिधि रहा हो, कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्राम प्रधान भी जन प्रतिनिधियों से पैरवी नहीं करते हैं।
हालांकि भाजपा के मंडल मंत्री अमित मिश्रा ने बताया कि उनकी सरकार व क्षेत्रीय जनप्रतिनधि विधायक अमन गिरि क्षेत्र की जनता के भले और क्षेत्र के विकास के लिए निरन्तर प्रयासरत है। चौराहे पर उनके व विधायक के प्रयास से पं. दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत सोलर लाइट लगवाई है। प्रमुख जगहों पर हनुमान मंदिर पर हाईमास्ट लाइट लगी है। गोला लखीमपुर, अलीगंज बिजुआ मार्ग उच्चीकरण व चौड़ीकरण स्वीकृत हुआ है। जल्द ही उनके संज्ञान में ग्रामवासियो की अन्य समस्याओं को लाकर निराकरण कराया जाएगा, ताकि अलीगंज को भी विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।
