पीलीभीत : 116 करोड़ खर्च कर बैठ गए जिम्मेदार, आज तक संचालित नहीं हो सका नवनिर्मित बाइपास
पीलीभीत, अमृत विचार। शहर को जाम से निजात दिलाने को करोड़ों की लागत से पीलीभीत-टनकपुर बाइपास बनकर तैयार हो चुका है। मगर, नवनिर्मित बाइपास से वाहनों का संचालन कब शुरू होगा, इसका जवाब तो जिम्मेदार भी नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि डेढ़ माह पूर्व सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया था। इस पर प्रशासन की ओर से नवनिर्मित बाइपास के मामले में लोक निर्माण विभाग से आख्या मांगी गई थी। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के अफसर टस से मस नहीं हुए। जिम्मेदारों की इस लेटलतीफी का दंश शहरवासियों को जाम के रूप में झेलना पड़ रहा है।
शहर को जाम से मुक्त रखने के लिए टनकपुर हाईवे से असम हाईवे को जोड़ने के लिए 11 किमी लंबा बाइपास स्वीकृत किया था। करीब 116 करोड़ की लागत से बनने वाले बाइपास का निर्माण वर्ष 2016 में शुरू कराया गया था। शुरुआती दौर में ही बाइपास की सड़क भी बना दी गई। इस बाइपास पर टनकपुर और मैलानी रेलखंड के दो ओवरब्रिज भी प्रस्तावित थे। मगर, एनओसी न मिलने के कारण ओवरब्रिज निर्माण लंबे अरसे तक अटका रहा। करीब 7 माह पहले टनकपुर और मैलानी रेलखंड पर तमाम अड़चनों के बाद दोनों ओवर ब्रिज बनाकर तैयार कर दिए गए। यह बाईपास असम-बस्ती हाईवे पर असम चौराहे से पांच किमी पहले और पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर गांव मैदना के पास जोड़ा गया है। दोनों ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद इस नवनिर्मित बाइपास पर असम हाइवे की ओर से पीलीभीत-माधोटांडा रोड तक वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया, मगर दूसरे हिस्से में खड़े पेड़ों के चलते बाइपास को शुरू नहीं किया गया और टनकपुर हाईवे की ओर से इस नवनिर्मित बाईपास को पत्थर लगाकर बंद कर दिया गया था।
बाधा बने पेड़ भी कटे, फिर भी शुरू नहीं हुआ संचालन
हालांकि सामाजिक वानिकी प्रभाग से अनुमति मिलने के बाद बीते जून माह में बाईपास के संचालन में रुकावट बने पेड़ों का कटान भी करवा दिया गया था। उस दौरान उम्मीद जताई जा रही थी कि अब नवनिर्मित बाइपास से जल्द ही वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा और शहर को भी जाम से छुटकारा मिल सकेगा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी ने उस दौरान जुलाई तक बाइपास शुरू करने का दावा किया था। मगर, जिम्मेदार 116 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद इस नवनिर्मित बाइपास को शुरू कराना ही भूले बैठे हैं। नवनिर्मित बाइपास का संचालन शुरू न होने पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप 24 जून को तत्कालीन एसडीएम सदर को पत्र सौंपा था।
इस पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सप्ताह भर में आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मगर पीडब्ल्यूडी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की, मगर आज तक उसका भी निस्तारण नहीं हो सका है। इधर नवनिर्मित बाइपास का संचालन कब शुरू होगा, इसका जवाब भी जिम्मेदार नहीं दे पा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी एक्सईन राजेश चौधरी ने बताया कि पीलीभीत-टनकपुर बाइपास का काम पूरा चुका है। बाइपास से संबंधित कुछ कार्य अधूरे हैं। जिन्हें जल्द ही पूरा कराया जाएगा। इसके बाद संचालन शुरु हो जाएगा।
