बदायूं : रुपये उधार न देने पर मौसेरे भाइयों ने की थी मां-बेटी की हत्या

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। दातागंज क्षेत्र के गांव वीरमपुर में निर्माणाधीन मकान में मां-बेटी की गला काटकर हुई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महिला के एक मौसेरे भाई ने चाकू से गोदकर हत्या की और उसके दो भाइयों ने हत्याकांड छिपाने में साथ दिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपियों के पास से आलाकत्ल चाकू और दो मोबाइल बरामद हुए हैं। रविवार को एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया। आरोपियों को जेल भेजा गया है।

थाना वजीरगंज क्षेत्र के गांव रोटा निवासी जयंती के पति गजेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। उन्होंने 50 लाख रुपये में अपनी 9 बीघा जमीन बेची थी। जिसके बाद अपने मायके गांव वीरमपुर में रह रही थीं। उन्होंने वीरमपुर में जमीन खरीदी और मकान बनवा रही थीं। बेटी जयंती के अकेले होने की वजह से उनके मां शांति देवी भी साथ में रहती थीं। गुरुवार रात वह दोनों निर्माणाधीन मकान में सोई थीं। रात में ही दोनों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद जयंती के मौसेरे भाई विपिन ने एक व्यक्ति के चाकू से हत्या करके घर से भागने की बात कही थी। 

उसने बताया कि व्यक्ति ने उसपर भी चाकू से हमला किया था। परिजनों के संदेश जताने पर पुलिस ने विपिन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शांति देवी के बेटे संजू की तहरीर पर रोटा निवासी संजीव पुत्र सुखपाल, पिंकू, सुरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, कब्बाली पुत्र खडगपाल, हजरतपुर क्षेत्र के गांव चितरी निवासी विपिन पुत्र गजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। प्रभारी निरीक्षक गौरव विश्नोई विवेचना कर रहे थे। जांच के आधार पर पुलिस ने शनिवार शाम तीन भाई विपिन और रात में उसके भाई अवनीश, विमल पुत्र गजेंद्र सिंह को डहरपुर तिराहे से गिरफ्तार किया।

 पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जयंती के मौसेरे भाई विपिन, अवनीश और विमल गांव चितरी में अपनी जमीन बेचकर गांव वीरमपुर में रह रहे थे। विमल की शादी करनी थी। जिसके चलते उन्होंने जयंती से दो लाख रुपये उधार मांगे थे। जयंती ने रुपये देने से मना कर दिया था कि वह रुपये लेकर वापस नहीं करते। तीनों भाइयों को पता था कि जयंती ने रोटा में अपनी जमीन बेची है। उनके पास रुपये होंगे। रुपये और लालच के चक्कर में विपिन ने मां-बेटी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। अवनीश और विमल ने हत्याकांड को छिपाने में उसका साथ दिया था। मृतकों के मोबाइल फोन छिपा दिए थे। खुलासे के दौरान एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी, एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया रहे।

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