UP news : सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग तो चला चाबुक...39 सचिवों का वेतन रोका , 6 एडीओ को नोटिस
संभल, अमृत विचार। जनपद की ग्राम पंचायतों में सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर अधिकारियों ने कार्रवाई शुरु कर दी है। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के 4 विकास खंडों के 39 सचिवों का एक दिन का वेतन रोककर जवाब तलब किया है। वहीं डीपीआरओ ने 6 विकास खंडों के एडीओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जनपद के विकासखंडों की समीक्षा में पाया गया कि राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग की धनराशि का उपयोग नहीं हो रहा है। जिसको लेकर मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जिले की छवि धूमिल हो रही है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के अनुसार जुनावई ब्लाक में व्यय का प्रतिशत 62.33 और 88 प्रतिशत पर सीमित है। डिजिटल हस्ताक्षर कराने में देरी, ग्राम पंचायत विकास योजना में त्रुटिपूर्ण डाटा फीडिंग, अपूर्ण विवरण, पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स का कार्य अधूरा रहना, पीएम सूर्य घर योजना में लक्ष्य की पूर्ति न होना, फैमिली आईडी और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अधूरा रहने जैसी कई गंभीर खामियां चिन्हित की गईं।
इसके अलावा बेबी फ्रेंडली शौचालय का निर्माण न होना, ग्राम सचिवालयों में अभिलेख उपलब्ध न होना, सामुदायिक शौचालयों का खराब रख-रखाव, व्यक्तिगत शौचालय आवेदनों का सत्यापन न होना, आरआरसी का नियमित संचालन न होना, ओएसआर वृद्धि और ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य अधूरा रहना भी गंभीर लापरवाही का उदाहरण पाया गया। पंचायत सहायकों द्वारा क्राप सर्वे न करना और ग्राम पंचायत सचिवों का चार्ज हस्तांतरण समय पर न होना भी उजागर हुआ। डीपीआरओ ने जुनावई, रजपुरा, बहजोई, पंवासा, बनियाखेड़ा और असमोली के एडीओ पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कहा कि ऐसे मामलों में उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए विभागीय दंडात्मक कार्रवाई और जांच कराई जाएगी। डीपीआरओ ने बताया कि योजनाओं में लापरवाही की बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं सीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने भी ऐसी ही लापरवाही पर 39 ग्राम पंचायत सचिवों का एक दिन का वेतन रोककर जवाब तलब किया है। सीडीओ ने गुन्नौर के 8,बहजोई के 9, जुनावई के 9 व बनियाखेडा के 13 ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की है।
