अमृत विचार पड़ताल : दस दिन में गायब हो गए नो हेलमेट, नो फ्यूल के बैनर
शासन ने प्रदेश भर के पेट्रोल पंपों पर लागू किया है नो हेलमेट नो पेट्रोल का नियम
बरेली, अमृत विचार: शासन के निर्देश पर जिले में एक सितंबर को ''नो हेलमेट नो पेट्रोल'' अभियान की शुरुआत जोर-शोर से हुई थी। पुलिस, परिवहन और पूर्ति विभाग के अफसरों के एक साथ सड़क पर उतरने से इसका बड़ा सकारात्मक संदेश लोगों के बीच गया था। तमाम संस्थाओं और संगठनों ने अभियान का स्वागत किया। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने मुहिम में कदमताल करते हुए नो हेलमेट नो पेट्रोल का नोटिस बोर्ड तक लगवा दिया, लेकिन चंद दिनों में अभियान में ही सारी सक्रियता समाप्त हो गई। अफसर के नजर फेरते ही शहर में अधिकांश पेट्रोल पंपों से न केवल नो हेलमेट-नो फ्यूल के बैनर गायब हो गए हैं। शहर के अधिकांश पंपो पर बिना हेलमेट वालों को खुलेआम तेल दिया गया। हां, कुछ जगह पर इसका हेलमेट उसका सिर वाली कहावत चरितार्थ होती दिखी।
आपके प्रिय अमृत विचार अखबार की टीम ने गुरुवार को शहर के कुछ पंपों की पड़ताल की तो अधिकांश पर इक्का दुक्का लोग ही हेलमेट पहनकर पेट्रोल लेते नजर आए। कुछ पंप पर जिला प्रशासन के नो हेलमेट नो पेट्रोल का बोर्ड नजर नहीं आया। इस संबंध में जब पेट्रोल पंप कर्मियों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि मना करने के बाद भी लोग नहीं मानते। ऐसे में हम क्या कर सकते हैं। कोहाड़ापीर स्थित पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने आए दिलीप ने बताया कि बिना हेलमेट सभी को पेट्रोल मिल रहा है, तो मैंने भी ले लिया। वहीं एक अन्य युवक राजेश ने बताया कि वह हेलमेट नहीं लगाए थे, जल्दबाजी में घर से हेलमेट लाना भूल गए, इसलिए पंप पर मौजूद दूसरे व्यक्ति का हेलमेट लिया और पेट्रोल मिल गया।

उधार के हेलमेट से निभाया नियम
कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट के पेट्रोल दिया जा रहा था। कर्मचारियों ने बिना हेलमेट पेट्रोल डलवाने आए लोगों को नहीं रोका। लेकिन, जब कैमरा देखा तो पेट्रोल डलवाने आए एक बाइक सवार ने दूसरे व्यक्ति से उधार में हेलमेट लिया और पेट्रोल डलवाकर निकल गया।

तीन सवारी, फिर भी मिला पेट्रोल
सिविल लाइंस स्थित एक पेट्रोल पंप एक बाइक पर तीन लोग सवार थे। फिर भी उनको बिना हेलमेट पेट्रोल दिया गया। इस पेट्रोल पंप पर ''''नो हेलमेट नो पेट्रोल'''' अभियान का फ्लैक्स लगा था। पंप पर मौजूद कर्मचारी भी बिना हेलमेट पेट्रोल डलवाने आ रहे लोगों से इंकार नहीं कर रहे थे।

बैनर के सामने ही आदेश तार-तार
मालियों की पुलिया पर मन्नत लॉन के पास पेट्रोल पंप पर नो हेलमेट, नो फ्यूल का बैनर लगा था, फिर भी कर्मचारियों ने नियम तोड़ा। पंप पर बिना हेलमेट कई बाइक सवार पेट्रोल भरवाते नजर आए, जबकि एक सितंबर को अभियान शुरू होने के बाद इसी पंप पर अफसरों ने चेकिंग की थी।

प्रभा टाकेज के पास पेट्रोल पंप पर नो हेलमेट, नो फ्यूल का अनुपालन नहीं किया जा रहा था। जबकि अभियान शुरू होने के एक सप्ताह तक यहां काफी सख्ती देखने को मिली थी। बिना हेलमेट वालों को एंट्री तक नहीं दी जा रही थी। बुधवार को यहां धड़ल्ले से बिना हेलमेट सभी को पेट्रोल मिल रहा था।
सभी पेट्रोल पंप संचालकों को नो हेलमेट, नो फ्यूल अभियान को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए थे। सभी पंपों पर फ्लैक्स लगाने को भी कहा गया है। नियमों की अनदेखी करने वाले पंप संचालकों पर पूर्ति विभाग के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी और बिना हेलमेट चालकों का चालान भी किया जाएगा। -पंकज सिंह, आरटीओ प्रवर्तन।
