मुरादाबाद: आवेदनों की शुरू हुई झड़ी, दुनियाभर में खूब चमकेगा पीतल
मुरादाबाद,अमृत विचार। पीतल नगरी की शान पीली चमक के उत्पाद एक बार फिर दुनिया भर में छाने को तैयार हैं। उनकी बनावट को शिल्पकारों ने इस कदर निखारा है कि उनकी खूबसूरत देखते ही बन रही है। लकड़ी के भी तरह के आकार इस बार स्प्रिंग फेयर की शान साबित होंगे। मुरादाबाद के एक मात्र …
मुरादाबाद,अमृत विचार। पीतल नगरी की शान पीली चमक के उत्पाद एक बार फिर दुनिया भर में छाने को तैयार हैं। उनकी बनावट को शिल्पकारों ने इस कदर निखारा है कि उनकी खूबसूरत देखते ही बन रही है। लकड़ी के भी तरह के आकार इस बार स्प्रिंग फेयर की शान साबित होंगे। मुरादाबाद के एक मात्र ज्वेलरी के निर्यातक भी अपने उत्पादों को निखार देने में जुट गए हैं।
ईपीसीएच के पास जो निर्यात क्षेत्र में तैयारियां चल रही हैं, उससे उन्हें लग रहा है कि इस बार आवेदनों की भरमार रहेगी। जो तिथि उन्होंने बढ़ाई है, उसने कई और निर्यातकों को मौका दे दिया है। करीब 15 सौ निर्यातकों के अगले साल के पहले भौतिक फेयर में भाग लेने की संभावना है। करीब चार सौ से पांच सौ निर्यातक मुरादाबाद जिले के होंगे। अभी करीब इस जिले से दो सौ से ज्यादा निर्यातकों ने आवेदन भी कर लिए हैं। पर अब बाकी की बीस दिनों में आवेदनों की रफ्तार और तेज नजर आई है।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने 13 से 17 मार्च तक स्प्रिंग फेयर को भौतिक रूप में करने का फैसला ले लिया है। यही नहीं जो आवेदन करने की तय तिथि 15 दिसंबर थी, उसको भी बढ़ाते हुए 31 दिसंबर कर दिया है। ईपीसीएच को भरोसा है वर्ष 2021 के इस पहले वास्तविक फेयर से निर्यात को रफ्तार मिलेगी और विदेशों के बाजारों में भारतीय उत्पादों की भी रौनक नजर आएगी। यह हिम्मत ईपीसीएच की ब्रिटेन में नब्बे साल की बुजुर्ग महिला को पहला कोरोना टीका लगने के बाद आई। महानिदेशक डा. राकेश कुमार ने बताया कि भौतिक फेयर में विदेशी ग्राहकों के आने के अवरोध लगभग खत्म हैं। कोविड 19 की वैक्सीन का टीकाकरण ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम में आरंभ हो चुका है। हमें उम्मीद है कि इससे फेयर में रौनक दिखेगी।
टीटीईपी निर्यात उत्पादों पर शुल्कों व छूट पर चर्चा
ईपीसीएच के महा निदेशक डा. राकेश कुमार व सचिव जीके पिल्लई की अध्यक्षता में हुई भारत सरकार की उक्त उच्चस्तरीय समिति की बैठक में निर्यात संवर्धन परिषदों के सदस्यों से मुलाकात की। रविके पासी ने कहा कि पिछले सात महीनों में विभिन्न शिल्प समूहों से प्रमुख सदस्य निर्यातकों के साथ बातचीत की है। इसमें किलकड़ी और धातु के मुरादाबाद क्लस्टर का प्रतिनिधित्व करने वाले कमल सोनी, सीओए नीरज खन्ना, एमएचईए के महा सचिव अवधेशअग्रवाल, सतपाल, टोनी बंसल ने उद्योग के बारे में जानकारी दी।
स्टोन वेयर आगरा से रजत अस्थाना, बैंगलोर के केएल रमेश ने समिति को अगर बत्ती शिल्प के बारे में जानकारी दी। जयपुर ने होम टेक्सटाइल निर्माण प्रक्रिया, हंसराज बाहेती, अरविंद कालानी, राजेश जैन, विकास गुप्ता बताया गया कि मेटलवेयर, वुडवेयर, ग्लासवेयर, फर्नीचर, अगरबत्ती, कपड़ा हस्तशिल्प, स्टोनवेयर के बारे में भी वर्चुअली चर्चा की गई।
