लखनऊ क्राइम: फिरौती की रकम से चप्पल कारखाना खोलना चाहता था विजय, जेल जाने से पहले आरोपी का बड़ा खुलासा
लखनऊ, अमृत विचार। आलमबाग स्थित बीजी कॉलोनी के पास से कक्षा-8 के छात्र अर्जुन सिंह और कक्षा-4 के छात्र प्रद्युमन यादव को अगवा करने वाला आरोपी विजय कुमार शार्ट कट से रुपये कमाना चाहता था। वह फिरौती की रकम से चप्पल का कारखाना शुरु करना चाहता था। कारखाना खोलने के लिए दोस्त से बात भी हुई थी।
पुलिस आरोपी के दोस्त की तलाश शुरू कर दी है। आरोपी के बयान की पुष्टि करने के लिए पुलिस सर्विलांस और सीसी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। आरोपी विजय को शनिवार को जेल भेज दिया गया। मवैया पटेलनगर निवासी आरोपी विजय ने पुलिस को बताया कि वह चार दोस्तों के साथ पुणे में छोटी-मोटी नौकरी करता था।
काम सही न होने पर दोनों के बीच चप्पल का कारखाना शुरु करने की बात तय हुई। इसके बाद विजय घरवालों को बिना बताए 10 सितंबर की रात लखनऊ आ गया था। यहां वह बीजी कॉलोनी में किराए पर रहने वाले शंकर के घर पहुंचा, लेकिन वह नहीं मिला। एक दिन उसने प्रेमनगर में काटा।
आरोपी बीजी कालोनी में ज्यादातर लोगों को जानता था, इसलिए छात्र अर्जुन से कहा था कि अपने भाई को बुला लो। अर्जुन ने भाई की जगह प्रद्युमन को बुला लिया था। विजय ने अर्जुन के भाई को देखा नहीं था। बिना पूछे दोनों को स्टिंग पीने पर 50 हजार रुपये इनाम के टॉस्क का झांसा देकर फंसा कर ले गया।
बाद में पता चला तो उसने दस-दस लाख रुपये की फिरौती मांगी। इंस्पेक्टर आलमबाग सुभाष चंद्र सरोज ने बताया कि बच्चों ने रात में विरोध किया तो विजय ने उन्हें डांटा था। फिलहाल विजय के दोस्त के बारे में जानकारी करने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। साथ ही बीजी कालोनी वाले दोस्त शंकर की जानकारी जुटाई जा रही है।
ट्रक चालक के मोबाइल पर व्हाट्सएप इंस्टॉल कर मांगी थी फिरौती
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी विजय बहुत शातिर है। कैसरबाग में बस पर बच्चों को लेकर जाने के बाद हरगांव पहुंचा। वहां एक ट्रक चालक से लिफ्ट मांगी। फिर ट्रक चालक से कॉल के बहाने मोबाइल लिया। सिम बदलकर व्हाट्सएप एक्टिव कर फिरौती का मैसेज भेज दिया था। पुलिस ने लोकेशन खंगाली तो हरिद्वार की मिली। पता चला कि नंबर किसी रामकिशन का है। पुलिस ने उससे संपर्क किया तो पता चला कि एक लड़के ने कॉल के लिए मोबाइल लिया था।
यह था मामला
बीजी कालोनी निवासी अर्जुन सिंह और प्रद्युमन यादव को गुरुवार दोपहर को एक बदमाश ने स्टिंग पीने का टास्क देकर अपहरण कर लिया था। बदमाश अर्जुन की साइकिल चलाते हुए दोनों को अपने साथ ले गया। शुक्रवार सुबह अपहरणकर्ता ने फिरौती मांगी, जिसके बाद उसकी लोकेशन लखीमपुर के गोला में ट्रेस की गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से मवैया निवासी आरोपी विजय को गिरफ्तार कर दोनों बच्चों को बरामद किया गया था।
