UP : कम होने लगा बाढ़ का पानी, अब मौसमी बीमारियों ने पसारे पैर

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश खत्म हो चुकी है। हरिद्वार बैराज से लेकर नरौरा तक पानी का फ्लो कम हुआ है। तटवर्ती इलकों में बाढ़ का पानी सूखने लगा है, लेकिन अब गंदगी के चलते बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। कई गांवों में बीमार लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कहीं नजर नहीं आ रहा है।

रविवार को नरौरा बैराज से 80 हजार क्यूसेक पानी गंगा में डिस्चार्ज किया गया। पिछले कई दिनों से पानी कम आ रहा है। दो से ढाई लाख क्यूसेक पानी आया तो जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आ गई। करीब 25 से अधिक गांव टापू बन गए। हजारों हेक्टेयर उपजाऊ जमीन गंगा में समा गई। उसहैत क्षेत्र के करीब दर्जन भर गांवों को खाली करा दिया गया था। इन लोगों को ऊपरी स्थानों पर बसाया गया था। 

वहां पर खाना दिया जा रहा है, लेकिन पिछले चार दिन से लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। बाढ़ का पानी कम होते ही ग्रामीण अपने घरों को लौटे हैं। बाढ़ से सबसे अधिक तबाही जटा गांव को हुई है। इस गांव के करीब सात मकान पानी में ढह गए। कई झोपड़ी बाढ़ में बह गई। 20 से अधिक पेड़ बाढ़ की भेंट चढ़ गए। बिजली के खंभे टूट कर गिर गए। अब बाढ़ से राहत मिलती दिख रही है। गांवों में पानी कम हो रहा है लेकिन गंदगी के चलते भारी परेशानी हो रही है। 

असमिया रफतपुर गांव के सभी लोग वापस लौट चुके हैं। मगर बाढ़ के बाद अब बीमारियों ने जीना मुश्किल कर दिया है। रैपुरा और प्रेमी नगला गांव में बाढ़ का पानी है। लेकिन कम हो रहा है। इधर गंगा कुछ स्थानों पर कटान भी कर रही है। कछला गंगा ने भी अपना आंचल समेटना शुरू कर दिया है। गंगा की धार अपने मूल स्थान पर लौट रही है। रविवार को गंगा का जलस्तर 161,98 मीटर गेज मापा गया। जो खतरे के निशान से काफी नीचे है।

महावा नदी भी हुई शांत, कटान जारी
सहसवान क्षेत्र की महावा नदी का जलस्तर काफी तेजी नीचे आ रहा है। बांध के ऊपरी हिस्से तक पहुंच चुका पानी अब करीब पांच फुट बांध के नीचे पहुंच चुका है। खागी नगला और रामसहाय नगला के लोग अपने गांवों को लौट रहे हैं। कुछ स्थानों पर ग्रामीण अभी डटे हुए हैं। उनका कहना है कि दो दिन में पानी और कम हो जाएगा उसके बाद गांव लोटेंगे। महावा नदी के बांध पर अब काम बंद कर दिया गया है। जगह जगह कटी चुकी मिट्टी को ठीक करने के बाद काम रोका गया है।

सहायक अभियंता, बाढ़ खंड नेशपाल ने बताया कि पिछले कई दिनों 80 हजार क्यूसेक के आसपास पानी आ रहा है जिससे कोई खतरा नहीं है। बाढ़ का पानी खत्म हो रहा है। लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। गंगा और रामगंगा में पानी कम होते ही कुछ स्था नो पर सड़कें भी दिखने लगी हैं, लेकिन अभी सड़कों पर आवागमन बंद है। बाढ़ खंड के सभी चारों बांध सुरक्षित हैं। 

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