UP : अरक्षित नंबर निजी वाहनों को दिया था, FIR के बाद एआरटीओ खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजी गई
रामपुर, अमृत विचार। सोमवार को डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बरेली जोन समर प्रसाद गुप्ता एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले यूपी 22बीजी शृंखला राजकीय वाहनों के लिए आरक्षित है। उसे निजी वाहनों को दे दिया गया। मामले में जांच के बाद फाइल शासन को भेज दी है। शासन से ही तय होगा कि यहां का चार्ज किसके पास रहेगा।
महीने में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला एआरटीओ दफ्तर कई रोज से सुर्खियों में छाया है। जिसमें आरक्षित सीरीज के नंबर निजी वाहनों को जारी करने के मामले में कुछ दिन पहले शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर मामले में जांच की। जांच के सही पाए जाने पर रविवार को आरटीओ मुरादाबाद राजेश सिंह ने सिविल लाइंस थाने में एआरटीओ राजेश श्रीवास्तव, डीबीए रामेश्वर नाथ द्विवेदी सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मामला प्रदेश स्तर पर गूंज रहा है। सोमवार को डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बरेली समर प्रसाद गुप्ता एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय में पूछताछ की। पत्रकारों को बताया कि उनके द्वारा ही बीजी शृंखला की जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट को शासन को भेजा है, वहीं से संस्तुति होगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। शासन से ही आदेश होगा कि यहां का चार्ज किसको मिलेगा।
कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में रही हलचल
सोमवार को समय से दफ्तर समय पर खुल गया, लेकिन सूत्रों की माने में किसी प्रकार का कोई काम नहीं हो सका। सारे काउंटर खाली थे। लोग आकर वापस हो रहे थे, जब इस बारे में पटल के बाबू और पीटीओ से बात की तो कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं थे। हालांकि तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थी। ऑफिस में सन्नाटा पसरा रहा
जांच में कुछ और भी हो सकते खुलासे
सूत्रों की माने तो जांच में और भी नए खुलासे हो सकते हैं। जिसमें कुछ बाबुओं की परेशानी भी बढ़ सकती है जोकि साठ गांठ करके पैसे कमाने के उद्देश्य से कागजों में हेराफेरी करके लोगों के वाहन नाम कराते हैं। बाहर बैठे दलाल इन बाबुओं से सेटिग करके काम करवाते है। उसके बाद शाम को हिस्सा बांटा जाता है। जल्द ही बाहरी टीम आकर कुछ साक्ष्य भी एकत्र कर सकती है।
सबसे ज्यादा नंबर बाइकों को बांटे गए
सरकारी वाहनों को दिए जाने वाले यूपी 22 बीजी को एआरटीओ द्वारा कारों को कम और बाइकों का सबसे ज्यादा बांटे गए हैं। जिसकी जानकारी जांच के दौरान हुई है। यह देखने के बाद उच्च अधिकारियों के होश उड़ गए। कहना है कि जल्द ही सभी वाहनों की श्रृंखला को बदला जाएगा। उनको वाहन स्वामियों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आएगी।
