विकसित यूपी के लिए जमीन पर रफ्तार, आकाश में विस्तार... 2047 तक हर मंडल को एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘विकसित यूपी @2047’ के विजन पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बीते साढ़े 8 वर्षों में जिस प्रकार अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं, उसने प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विकास का नया केंद्र बना दिया है। योगी ने 2047 तक हर मंडल को विश्वस्तरीय एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का संकल्प जताया है।
2017 से पहले यूपी की सड़क और एविएशन अवसंरचना बेहद सीमित थी। 2016-17 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क लंबाई 56,846 किलोमीटर और एक्सप्रेसवे मात्र तीन तक सीमित थे। हवाई यात्रियों की संख्या भी 17 वर्षों में केवल 55 लाख बढ़ पाई थी। लेकिन 2017 के बाद स्थिति बदली। सड़क नेटवर्क 2024-25 तक 77,425 किलोमीटर तक पहुंच गया और यूपी देश में 22 एक्सप्रेसवे वाला पहला राज्य बन गया। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, यमुना और गोरखपुर लिंक जैसे प्रोजेक्ट्स ने आंतरिक कनेक्टिविटी को मजबूती दी है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे और विंध्य-रीवा लिंक जैसे निर्माणाधीन प्रोजेक्ट भविष्य की कड़ी जोड़ेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क भी 2004-05 के सापेक्ष 5,599 किलोमीटर से बढ़कर 12,292 किलोमीटर हो गया है। वहीं, हवाई कनेक्टिविटी में क्रांति आई है। 2025 तक प्रदेश में 16 एयरपोर्ट (12 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय) हो चुके हैं। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े कार्गो और ट्रांजिट हब के रूप में यूपी की पहचान बनाएगा।
विमान यात्रियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि
2017 के बाद सिर्फ आठ वर्षों में यात्रियों की संख्या 82 लाख बढ़ी है और 2025 में यह आंकड़ा 1.42 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। 2030 तक यूपी का लक्ष्य है कि सभी जिला मुख्यालय एक्सप्रेसवे से जुड़े और नेपाल सीमा पर बहुउद्देशीय ट्रांजिट हब व पर्यटन स्थलों पर रोपवे बने। विजन 2047 के तहत हर मंडल का अपना एयरपोर्ट और सभी 75 जिलों को एक्सप्रेसवे तथा हवाई नेटवर्क से जोड़कर यूपी को ग्लोबल कनेक्टिविटी सेंटर बनाया जाएगा।
यह भी पढ़ेंः UP Samarth Campaign: 1.49 लाख से अधिक आए फीडबैक, युवाओं में ‘स्पेशल टेक्नोलॉजी सिटी’ का क्रेज
