Bareilly : व्यापार करना है तो परमिट के बिना नहीं चलेगी डिलीवरी बॉय की बाइक
बरेली, अमृत विचार। व्यावसायिक कार्य में उपयोग होने वाली बाइकों के लिए अब परिवहन विभाग से परमिट लेना अनिवार्य होगा। विभाग विभिन्न कंपनियों में व्यावसायिक उपयोग के लिए संचालित होने वाले दो पहिया वाहनों को चिह्नित करेगा और उनका कॉमर्शियल पंजीयन कराते हुए परमिट जारी करेगा। इसके लिए वाहन मालिकों से हर साल 2350 रुपये टैक्स वसूला जाएगा।
वर्तमान में, परिवहन विभाग में दोपहिया, ई रिक्शा, कैब, ऑटो, एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, कृषि संबंधित वाहन, डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर समेत 17 श्रेणी के वाहनों के व्यावसायिक पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। अधिकतर कारोबारी अपने दो पहिया वाहनों को निजी वाहन के रूप में पंजीकृत कराकर चलाते हैं और घर-घर तक डिलीवरी पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। ई-कामर्स कंपनियों के डिलीवरी ब्वाय और कामर्सियल राइड्स में निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग कर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। परिवहन आयुक्त ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद व्यवसाय में उपयोग होने वाली बाइकों पर सख्ती करने के लिए परिवहन विभाग तैयारी में जुट गया है। नए नियमों के मुताबिक बाइक का पंजीकरण व्यावसायिक में कराना तो अनिवार्य होगा ही साथ में परमिट भी लेना होगा। यही नहीं, बाइक की नंबर प्लेट भी पीली करानी होगी।
ऐसे करना होगा आवेदन
बाइक के व्यावसायिक वाहन के रूप में पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग में आवेदन करना होगा। इसकी फीस 300 रुपये, परमिट के 700 रुपये, कोर्ट फीस 100 रुपये, आवेदन के 500 रुपये देने होंगे। वार्षिक टैक्स के रूप में प्रति वर्ष 2350 रुपये जमा करने होंगे। फिटनेस के लिए अलग से 230 रुपये वार्षिक और प्रति सीट के आधार पर कर का निर्धारण होगा।
आरटीओ प्रशासन -पंकज सिंह ने बताया कि दो पहिया वाहन का व्यावसायिक में पंजीयन का नियम हैं, लेकिन ऐसा कोई कराता नहीं है। इसके लिए विभिन्न कंपनियों को निर्देश देकर वाहनों का व्यावसायिक पंजीयन कराया जाएगा। बिना पंजीकरण व्यावसायिक कार्य में दो पहिया वाहन चलते मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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