UP : बाढ़ में मां से बिछड़े तेंदुआ के शावक के भाग्य का फैसला करेगा शासन
पीलीभीत, अमृत विचार। जनपद में बाढ़-बारिश के दौरान रेस्क्यू किए गए तेंदुआ के दो माह के शावक के भाग्य का फैसला अब शासन करेगा। वन एवं वन्यजीव प्रभाग मुख्यालय पर निगरानी में रखकर डेढ़ माह के शावक का इलाज किया जा रहा है। शावक को लेकर डीएफओ ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्ड लाइफ को पत्र भेजा है। शासन द्वारा ही तय किया जाएगा कि शावक को कहां भेजा जाना है।
बीते माह बाढ़-बारिश के दौरान जनपद में हालात बेकाबू हो गए थे। जनपद में कई स्थानों पर आबादी क्षेत्र समेत खेत-खलिहानों में भारी जलभराव हो गया था। वहीं कई इलाकों में बाढ़ का पानी भी घुस हो गया। 3 अगस्त को गजरौला क्षेत्र की पिपरिया कॉलोनी के नजदीक तेंदुआ का शावक भी बाढ़-बारिश की चपेट में आ गया था। गनीमत यह रही कि पानी में डूब रहे शावक को कॉलोनी के ही एक युवक ने देख लिया। युवक ने जान जोखिम में डालकर उसे बचा लिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन एवं वन्यजीव प्रभाग को दी। वन एवं वन्यजीव प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची और शावक को लेकर मुख्यालय चली आई। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दक्ष गंगवार के मुताबिक रेस्क्यू किए शावक की उम्र करीब डेढ़ माह बताई गई थी। पानी में डूबने से सांसें अनियंत्रित होने और उसका टेंपरेचर बेहद कम होने से उसे मुख्यालय पर निगरानी में रखकर पशु चिकित्साधिकारी इलाज किया। फिलहाल शावक अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
चिड़ियाघर होगा नया ठिकाना
मां से बिछड़े तेंदुआ के शावक को लेकर हर कोई चिंतित है। खासकर वन्यजीव प्रेमी शावक के भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं। इसकी भी खास वजह है। रेस्क्यू किया गया शावक मात्र डेढ़ माह का है। मादा तेंदुआ शावक को जन्म देने के बाद करीब डेढ़ से दो साल तक अपने साथ ही रखती हैं। इस दौरान वह जंगल के कायदे-कानून और शिकार करने में माहिर हो जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक जब मादा तेंदुआ शावक यह जान लेती है कि शावक शिकार करने आदि में परिपक्व हो गया तो वह उसे अलग कर देती है। फिलहाल रेस्क्यू किए गए शावक के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ। उसे न तो जंगल के बारे में अधिक जानकारी है और न ही शिकार करने के तौर-तरीके। ऐसे में अब उनके भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। इधर वन एवं वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार डीके ने शावक को लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्ड लाइफ को पत्र भेजा है। उनके मुताबिक शावक को किसी प्राणी उद्यान में ही भेजा जाएगा। अब कहा भेजा जाना है, इसका फैसला शासन करेगा। ऐसे में अब शावक की आगे की जिंदगी चिड़ियाघर में कटने की संभावना बढ़ गई है।
डीएफओ वन एवं वन्यजीव प्रभाग भरत कुमार डीके ने बताया कि तेंदुआ के शावक को मुख्यालय पर निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। शावक अब पूरी तरह से स्वस्थ है। शावक के संबंध में शासन को भेजा लिखा गया है। शासन के निर्देशानुसार ही अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
