सुंदरलाल और विद्यार्थी जी कृतित्व की स्मृत्ति में भव्य समारोह...सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आयोजनों की शुरुआत
कानपुर। महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से कर्मवीर पं. सुंदरलाल और गणेश शंकर विद्यार्थी की स्मृति में 26 सितंबर से 25 अक्तूबर तक भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। उद्घाटन जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन सभागार में 26 सितंबर को होगा l
पंडित सुंदरलाल न केवल प्रखर विद्वान और इतिहासकार थे, बल्कि आजादी आंदोलन के महान योद्धा और सांप्रदायिक सद्भाव के प्रबल समर्थक भी थे। वायसराय लार्ड हार्डिंग बम प्रकरण के बाद उन्होंने वर्षों तक गुप्त नामों से कार्य किया। नमक सत्याग्रह के दौरान वे आंदोलन के डिक्टेटर बने और आठ बार जेल गए। उनकी पुस्तकों और लेखन ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी। "भारत में अंग्रेज़ी राज" जैसी रचना ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अमर कर दिया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने स्वराज, कर्मयोगी, भविष्य, विश्ववाणी और नया हिन्द का संपादन कर मिशनरी पत्रकारिता को जीवित रखा। उन्होंने गणेश शंकर को लेखन के लिए प्रेरित कर ‘विद्यार्थी’ उपनाम दिया और विद्यार्थी जी की शहादत के बाद बनी जांच समिति में सचिव के रूप में कार्य किया। महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि कार्यक्रम को चार सप्ताह की श्रृंखला में विभाजित किया गया है।
इसमें चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता, कानपुर हेरिटेज वॉक एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता, पत्रकारिता के पुरखों पर ऑडियो-विज़ुअल निर्माण जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। विजेताओं को 25 अक्तूबर को सम्मानित किया जाएगा l प्रदर्शनी का उद्घाटन कैलाश नाथ त्रिपाठी (संस्थापक, गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक शिक्षा समिति) द्वारा किया जाएगा | जिसमें पं. सुंदरलाल से जुड़े पत्र, डायरियाँ, टेलीग्राम, स्मृति-चिन्ह, समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, पुस्तकें और दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की जाएगी | अतिथि के रूप में श्री अनवर नक़वी और इतिहासकार देवेंद्र सिंह चौहान मौजूद होंगे l “पं. सुंदरलाल और कानपुर” विषय पर पैनल डिस्कशन भी होगा |
