रामपुर : जेल से बाहर आने के लिए आजम खां को अभी करना होगा इंतजार

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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शत्रु संपत्ति से जुड़े मामले में बढ़ाई गई धाराएं, उसमें भी करानी होगी जमानत

रामपुर, अमृत विचार: हाईकोर्ट से क्वालिटी बार मामले में जमानत मिलने के बाद अभी सपा नेता आजम खां को जेल से बाहर आने के लिए और इंतजार करना होगा। क्योंकि शत्रु संपत्ति से जुड़े मामले में धाराएं बढ़ जाने के कारण अब आजम खां को इसमें भी जमानत करानी होगी।

सपा सरकार जाने के बाद सूबे में आई भाजपा सरकार ने आजम खां की घेराबंदी करके उनके खिलाफ काफी मुकदमे दर्ज कराए थे। जिसकी लिस्ट 95 मुकदमों के करीब पहुंच गई। इधर आजम खां जमानत लेते, उधर उनको सजा हो जाती थी। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने दो फर्जी जन्म प्रमाण मामले में अब्दुल्ला आजम खां, सपा नेता आजम खां, डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसके बाद चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हो रही थी। उसके बाद आखिरकार 18 अक्टूबर 2023 को तीनों को कोर्ट ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। उसके बाद अन्य मुकदमों में चार्जशीट लगती चली गई। आजम खां को सजा होती चल गई। हालांकि कानूनी लड़ाई के बाद आजम खां के बेटे और पत्नी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर आ गए। आजम खां के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता चला गया। उसके बाद आजम खां को डूंगरपुर के मामले में दस साल की सजा हो गई। फिर चर्चित क्वालिटी बार पर कब्जे के मामले में 19 नवंबर 2019 को क्वालिटी बार के मालिक गगन अरोड़ा की शिकायत पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ने 21 नवंबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने जफर अली जाफरी, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा व बेटे अब्दुल्ला आजम को नामजद किया था। विवेचना के बाद उनके नाम भी शामिल किया था। उसके बाद उनको आरोपी बनाया गया था।

उन्होंने जिला जज की कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, लेकिन अदालत ने 17 मई 2025 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसमें लगातार बहस चल रही थी। उसके बाद 21 अगस्त को दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आखिरकार गुरुवार को कोर्ट उनकी जमानत मंजूर कर ली। लेकिन उनके जेल से बाहर आने की राह में फिर से रोरा फंस गया है। शत्रु संपत्ति से जुड़े क्राइम नंबर 126/19 में आजम खां सहित कई लोगों को आरोपी बनाया था। अब इस मामले में  गुरुवार  को कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए दिए प्रार्थना पत्र पर उसमे धारा 467, 471 और 201 बढ़ा है। जिसमें आजम खां को जमानत करानी होगी। अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि शत्रु संपत्ति के मामले में धाराएं बढ़ा है। इसमें अब आजम खां को जमानत करानी होगी।

आजम खां की लगातार बढ़ रही परेशानी
कभी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले सपा नेता आजम खां  का वक्त इतना खराब आया कि उनके खिलाफ प्रदेश भर के कई थानों में 100 से अधिक मुकदमे लिखे गए थे, लेकिन बाद में सभी को धीरे धीरे करके रामपुर में ट्रांसफर कर दिए थे। कुछ मुकदमों को एक कर दिया गया था। दो जन्म प्रमाण पत्र के बाद से उन पर सजा होने का पट्टा चलता चला गया। 24 घंटे पहले भी छजलैट प्रकरण में उनको मुरादाबाद कोर्ट से बरी कर दिया गया था। अब गुरुवार को एक अन्य मामले में जमानत मिल गई।

मेरी जानकारी में आया है कि आजम खां को क्वालिटी बार के मामले में जमानत मिल गई है। अभी हमको आदेश नहीं मिला है। उसको मिलने पर पड़ा जाएगा। हमने हमेशा से ही कोर्ट का पालन किया है। - विधायक आकाश सक्सेना, भाजपा नेता।

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