संभल : बड़ा संगठित गिरोह चलवा रहा अवैध अस्पताल, 4 गिरफ्तार
गिरफ्तार किये गये लोगों में एक अधिवक्ता भी शामिल, अस्पताल संचालन के लिए उपलब्ध कराते थे फर्जी प्रमाण पत्र
बहजोई/संभल, अमृत विचार: जनपद में अवैध अस्पतालों के संचालन को लेकर जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया व पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। दावा किया गया है कि एक बड़ा और ताकतवर संगठित गिरोह जनपद में अवैध अस्पतालों का संचालन करवा रहा था। यह गिरोह अस्पताल संचालक से 1 से 5 लाख तक की रकम वसूलता था। संरक्षण के साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का काम भी गिरोह करता था। तीन दिन की छापेमारी के बाद पुलिस ने गिरोह से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वार्ड ब्वाय व फिजियोथैरेपिस्ट सहित तीन लोग फरार हैं।
रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में डीएम राजेंद्र पैंसिया, एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई व सीएमओ डॉ. तरुण पाठक ने बताया कि जिलेभर में अवैध रूप अस्पतालों का संचालन कराने के लिए पंजीकरण के नाम पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे थे। दो मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें बहजोई के लाइफ केयर अस्पताल को गिरोह से जुड़े जगतपाल ने 40 हजार में फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया, जो कानपुर का निकला। इसी तरह कृष्णा नर्सिंग होम को डेढ़ लाख रुपए लेकर नकली पंजीकरण थमाया गया। जिलेभर में अवैध अस्पतालों के संचालन करने को लेकर इस पूरे बड़े खेल का खुलासा करते हुए पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जगतपाल पुत्र जवाहर सिंह निवासी सादातवाड़ी कोतवाली बहजोई, अधिवक्ता प्रेम सिंह पुत्र गंगा सिंह निवासी गांव अहरौला नवाजी थाना जुनावई, बबलू गिरी पुत्र आनंद गिरी गांव बहटकरण थाना रजपुरा, संगम पुत्र नंदकिशोर निवासी मोहल्ला कर्मधर्म थाना नरोरा जनपद बुलंदशहर को गिरफ्तार किया है।
वहीं चंदौसी सीएचसी पर तैनात वार्ड ब्वाय नितिन गुप्ता उर्फ नितेंद्र नाथ निवासी ग्रीन सिटी चंदौसी, बहजोई सीएचसी पर तैनात फिजियोथैरेपिस्ट गौरव बंसल निवासी महाजन स्ट्रीट थाना चंदौसी व राजीव कौशिक निवासी संभल कोतवाली संभल अभी फरार बने हुए हैं। पुलिस ने दावा किया है कि इन सातों आरोपियों द्वारा रकम आपस में बांटी जाती थी। वहीं आगे की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे खेल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल है या नहीं। एसपी ने बताया कि थाना गुन्नौर पर चारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। फरार तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
1 से 5 लाख रुपए तक की वसूली करते थे आरोपी
खुलासा करते हुए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जिन सात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन आरोपियों ने जिले भर के अस्पतालों से अपना नेटवर्क बना रखा था। यह 1 से 5 लाख रुपए तक सालाना की अवैध वसूली अस्पताल के लाइसेंस रिन्यूअल के नाम पर करते थे। शिकायत करने वालों को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। अस्पताल में किसी की मृत्यु हो जाती थी तो अलग से कार्रवाई नहीं करने के रुपए लेते थे।
अब तक 19 अस्पतालों के खिलाफ हुई रिपोर्ट दर्ज
तीन दिन से अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई को लेकर 31 अस्पतालों पर छापामार कार्रवाई की गई। जिसमें 19 अस्पताल जो पंजीकृत नहीं थे, जिसमें चंदौसी कोतवाली में तीन रिपोर्ट दर्ज की गई है। तो वहीं बहजोई में दो, जुनावई तथा रायसत्ती में 1-1, गुन्नौर में 6 राजपुरा में 4, धनारी में दो कुल 19 रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं इन अस्पतालों को सील करने का भी काम किया गया है।
बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों पर भी की जाएगी कार्रवाई
डीएम राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि जनपद में अवैध अस्पतालों के खिलाफ महिला की तथा नवजात शिशु की मौत की लगातार शिकायत है आ रही थी। इसको लेकर गहन मंथन के बाद टीम में बनाई गई और ऐसे अस्पतालों पर छापेमारी की गई। जो अवैध रूप से चल रहे थे। डीएम ने कहा कि बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कोई भी अस्पताल बेसमेंट में नहीं चलेगा। ऐसे अस्पतालों की भी सूची तैयार की जा रही है।
अवैध अस्पतालों पर नकेल को बनाईतीन सदस्य समिति
डीएम राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर तीन सदस्य समिति गठित की गई है। जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट संभल, सीओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह व औषधि निरीक्षक को शामिल किया गया है। इस टीम में शामिल अधिकारी अवैध अस्पतालों पर जाकर कार्रवाई करेंगे। एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर आम जनता भी अवैध अस्पतालों के बारे में सूचना दे सकती है।
