लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में हुई नियुक्तियां मात्र एक उदाहरण: बोले अखिलेश- भाजपा सरकार में चल रहा नियुक्तियों का गोरखधंधा

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। लखीमपुर में अर्बन-को-ऑपरेटिव बैंक में हुई नियुक्तियों में एक खास जाति को नौकरी दिए जाने का मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में भर्तियों, नियुक्तियों में गोरखधंधा चल रहा है। 

उन्होंने कहा कि लखीमपुर अर्बन-को-ऑपरेटिव बैंक में हुई नियुक्तियां तो मात्र एक उदाहरण है। 
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में हर काम में लूट, भ्रष्टाचार और बेईमानी है। भाजपाई मिलकर आपस में नौकरियां और बजट का बंदरबांट कर रहे हैं। इस गोरखधंधे में ऊपर से नीचे तक सबकी मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में 90 फीसदी पीडीए समाज की उपेक्षा हो रही है। उनका हक लूटा जा रहा है। 

उन्होने कहा कि भाजपा सरकार में हर तरह का अवैध कारोबार हो रहा है। नौकरियों पर कब्जा, जमीनों पर कब्जा, बजट का बंदरबांट सब कुछ सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। गरीबों और पीडीए के हक और आरक्षण को छीन लिया गया। भाजपा सरकार और उसके नेताओं के कारनामें जनता के सामने है। इनकी पोल लगातार खुल रही है। 

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा झूठ बोलने वाली पार्टी है। सरकार ऐसे-ऐसे झूठ बोलती है कि झूठ भी अपने आपको लज्ज्ति महसूस करता है। राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल का संचालन समाजवादी सरकार में शुरू हुआ था। कानपुर, आगरा में मेट्रो रेल का निर्माण कार्य शुरू हो गया था। लेकिन मेट्रो संचालन को लेकर मुख्यमंत्री का बेहद शर्मनाक बयान आया।

उन्होंने कहा कि इतना बड़ा झूठ भी नहीं बोलना चाहिए कि इंसान औरों की ही नहीं अपनी निगाह में भी गिर जाए। सफ़ेद झूठ बोलने से व्यक्ति की गरिमा भी गिरती है और उन सभी पदों की प्रतिष्ठा और मान-मर्यादा भी जिन पर वो बैठता है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा झूठ बोलना तभी संभव होता है जब व्यक्ति या तो चेतना खो दे या सच्चाई या अपने आदर्श और सत्य के संस्कार। 

अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे महाझूठ वक्ता दरअसल अपने लोगों को महामूर्ख समझते हैं। वे मानते हैं कि उनके अनुयायी उनकी हर बात को सच ही मानेंगे लेकिन ऐसा होता नहीं है। भाजपा और उनके संगी-साथियों और वाहिनीवादियों की सोच ही यही है कि झूठ बोलकर अपने लोगों को ठगो। उन्होंने कहा कि अपनी नहीं तो पद की गरिमा का ही मान रखिए। वैसे उनसे सच की उम्मीद करना बेकार है। जो महाकुंभ जैसे पावन और धार्मिक अवसर पर सनातनी हिंदुओं की मृत्यु पर झूठ बोलने का घोर पाप कर चुके हैं।  

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