कानपुर में एफआईआर के बाद बरेली में लगाए "आई लव मुहम्मद" के बैनर-पोस्टर 

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के पदाधिकारी मोईन खान के नेतृत्व में चली मुहिम

बरेली, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के कानपुर में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी पर "आई लव मुहम्मद" के बैनर लाने वालों पर एफआईआर का मुद्दा तूल पकड़ गया है। कानपुर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना के बीच "आई लव मुहम्मद" का ट्रेंड चल पड़ा। इस कड़ी में शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद कई जगहों पर इस स्लोगन के बैनर-पोस्टर लगाए गए। 

दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के पदाधिकारी मोईन खान के नेतृत्व में शहर के मुहल्ला जखीरा, आजमनगर, बिहारीपुर, कोहाड़ापीर, गुलाबनगर, शहामतगंज, किला, जोगीनवादा फरीदपुर रोड, हजियापुर, सैदाना, सैटेलाइट समेत कई जगहों पर आई लव मुहम्मद के बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं। 

मोईन खान ने कहा कि ये मुहम्मद और आस्था का संदेश है न किसी व्यक्ति, धर्म के खिलाफ. हमारा मकसद अपने नबी से मुहब्बत का इजहार करना है। इंसाफ, शांति, मुहब्बत, भाईचारा और इंसानियत के उनके सबक पर अमला करना है।

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कानपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा अमल कानून और संविधान के दायरे में है। उसी दायरे में रहकर शांतिपूर्वक तरीके से अपने नबी से मुहब्बत का प्रदर्शन करते रहेंगे। 

समाज के लोगों से भी अपील है कि वे अफवाहों से बचें। समाज में भाईचारा, आपसी मुहब्बत और शांति बनाए रखें। कानून का सम्मान करें। 

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इश्के रसूल कब अपराध बन गया!
कानपुर की घटना पर मस्जिदों में तकरीर हुई। कंघी टोला की नूरी रजा मस्जिद के इमाम शहनवाज ने कहा कि इश्के नबी कब से अपराध बन गया? हालात ये हैं कि आई लव मुहम्मद लिखने पर एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। ऐसा करके लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कानून का मजाक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चाहें लाख एफआईआर दर्ज कर दी जाएं। फिर भी हमारा रोम-रोम आई लव मुहम्मद कहता रहेगा।

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