UP News: ऐशबाग की रामलीला 22 से, पहले दिन नारद मोह का होगा मंचन
लखनऊ, अमृत विचार: श्री रामलीला समिति ऐशबाग के रामोत्सव की शुरुआत सोमवार 22 सितंबर को नारद मोह मंचन से होगी। दो दिन चतुर्थी पड़ने के कारण लीला में इस बार नारद मोह का प्रसंग जोड़ा गया है। 13 दिन तक चलने वाली रामलीला का समापन 4 अक्टूबर को राजा राम चंद्र की नगर दर्शन शोभायात्रा के साथ होगा।
श्री राम लीला समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल, मंत्री शील अग्रवाल और कोषाध्यक्ष ऋतुराज रस्तोगी ने तुलसी सभागार में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17वीं शताब्दी से शुरू हुई ये रामलीला राजधानी की सबसे प्राचीनतम है।
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अध्यक्ष ने बताया कि रामलीला का मंचन नाट्य गुरु भास्कर बोस और उनकी टीम करेगी। संस्कृति विभाग का इसमें खास योगदान रहेगा। रामोत्सव- 2025 का शुभारंभ 22 सितंबर को प्रात: गणेश पूजन के साथ होगा। इसके बाद रामलीला में राम जी, भरत, लक्ष्मण, शत्रुहन, सीता एवं हनुमान जी का अभिनय करने वाले कलाकारों का पूजन किया जाएगा। दोपहर 3 बजे से सुंदरकांड पाठ शुरू होगा। लीला का मंचन प्रारंभ होने के पहले प्रतिदिन शाम 7:30 बजे स्तुति पाठ से देवताओं का आह्वान किया जाएगा। इसके बाद भजनों पर डांस अकादमियों की ओर से नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। शाम 8:30 बजे से रात 11:30 बजे तक रामलीला का मंचन होगा। 2 अक्टूबर को दशहरा पर रावण वध की लीला के पश्चात भव्य आतिशबाजी एवं पुतला दहन होगा। 3 अक्टूबर को श्रीराम का राज्याभिषेक समारोह किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी भी होंगे शामिल
श्री रामलीला समिति ऐशबाग के पदाधिकारियों ने बताया कि रामोत्सव में केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के पहले दिन होने वाली लीला में शामिल होने की संभावना है। श्रीराम का राज्याभिषेक समिति वृहद रूप में करेगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कार्यक्रम में भाग लेने की सहमति है।
रामलीला कार्यक्रम
-22 सितंबर- नारद मोह लीला
-23 सितंबर- श्रीराम जन्म, शिक्षा ग्रहण, विश्वामित्र का रामजी को ले जाना, ताड़का वध, मरीच सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार
-24 सितंबर- जनक प्रतिज्ञा, धनुष यज्ञ, सीताजी स्वयंबर, परशुराम लक्ष्मण संवाद, राम-जानकी विवाह
-25 सितंबर- राम राज्याभिषेक की घोषणा, दशरथ द्वारा राम को राजा के कर्तव्य बताना, मंथरा का कैकई संवाद, दशरथ कैकई संवाद, राम वन गमन
-26 सितंबर- निषादराज-श्रीराम मिलन, केवट संवाद, सुमंत की वापसी, राम-वाल्मीकि संवाद, दशरथ विलाप, श्रवण कुमार कथा, दशरथ स्वर्ग गमन के बाद कैकेई भरत संवाद और कैकेई परित्याग
-27 सितंबर- कुटिया निर्माण, भरत वन प्रस्थान, चरणपादुका लेकर भरत का वन से वापस आना, भरतजी का महल त्याग, कैकेई विलाप
-28 सितंबर- अत्रि मुनि और भारद्वाज ऋषि आश्रम पहुंचना, जटायु मिलन, सूर्पनखा प्रसंग, सीता हरण, सीता की खोज, मंदोदरी रावण संवाद
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-29 सितंबर- राम शबरी मिलन, राम हनुमान सुग्रीव मिलन, सुग्रीव बालि युद्ध, बालि वध, तारा विलाप
-30 सितंबर- अशोक वाटिका में रावण सीता संवाद, त्रिजटा सीता संवाद, हनुमान जी का लंका प्रवेश, वाटिका विध्वंस, लंका दहन
-01 अक्टूबर- रामजी का लंका के लिए प्रस्थान, विभीषण मिलन, समुद्र पूजा, सेतुबंध स्थापना, रावण अंगद संवाद, कुंभकरण वध, मेघनाथ द्वारा लक्ष्मण को नागफांस में बांधना
-02 अक्टूबर- लक्ष्मण को शक्ति लगना, हनुमान संजीवनी लाना, मेघनाथ लक्ष्मण युद्ध, रावण वध, दशहरा पर्व
-03 अक्टूबर- विभीषण राज्याभिषेक, सीता अग्नि परीक्षा, राम का अयोध्या प्रस्थान, राम राज्याभिषेक समारोह का वृहद आयोजन एवं समापन समारोह
-04 अक्टूबर- राजा श्रीरामचंद्र की नगर दर्शन शोभायात्रा शाम 6 बजे से रामलीला परिसर से शुरू होकर ऐशबाग, नादान महल रोड माता धर्मध्वजी मंदिर वर्मा स्टॉप पर संपन्न होगी।
