Rampur : टीईटी अनिवार्यता के फैसले पर पुनर्विचार की मांग, कलेक्ट्रेट में शिक्षकों ने भरी हुंकार
रामपुर, अमृत विचार। सोमवार को एससी-एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले जिलाध्यक्ष राम बहादुर गौतम के नेतृत्व में कई शिक्षक संगठनों के सहयोग एवं सैकड़ों शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
शिक्षकों ने डीएम कार्यालय पर एकत्रित होकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा जिसमें टीईटी अनिवार्यता के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई। कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला देशभर के लाखों शिक्षकों के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण है। संघ ने तर्क दिया कि जो शिक्षक टीईटी लागू होने से पहले भर्ती हुए थे। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अब पात्रता परीक्षा देने की आवश्यकता क्यों है।
सर्वाधिक प्रभाव उनपर पड़ेगा जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से अधिक शेष है क्योकि वह बिना टीईटी उत्तीर्ण सेवा में बने नहीं रह सकेंगे। चेतावनी दी कि इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। संगठन ने प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उनकी मांग है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर कराई जाए या अध्यादेश लाकर शिक्षकों की सेवा सुरक्षित की जाए। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
यह शिक्षक रहे मौजूद
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता, जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री अंजुम स्नेही सक्सेना, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष रवेंद्र गंगवार, महामंत्री भूपेंद्र कुमार,अटेवा के जिलाध्यक्ष दिगपाल गंगवार, यूटा के महामंत्री रामचंद्र गौतम, प्रीती प्रभाकर, रश्मि, संरक्षक बीर सिंह मीनाक्षी, सुषमा, प्रेम चंद, मुकेश कुमार, सुनील कुमार,रमेश पाल सिंह, हरीश गौतम, अशोक कुमार, सतपाल सिंह, कुल भूषण गौतम, चमन सिंह गौतम सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
