Investment: निवेश का चुने सही तरीका, मिलेगा लाभ
म्यूचुअल फंड एसआईपी निवेश की सबसे अच्छी तारीख सैलरी का पहला दिन
कानपुर, अमृत विचार। लंबी अवधि में धन सृजन के लिए एसआईपी यानी सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को सबसे कारगर और अनुशासित तरीका माना जाता है। इसी विषय पर व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने हाल ही में अपनी एसआईपी एनालिसिस रिपोर्ट जारी की है। जिसमें यह बताया गया है कि एसआईपी में निवेश करने की सही तारीख कौन से है? कौन-सा अंतराल बेहतर है। प्रतिदिन, साप्ताहिक या मासिक? और कितना लंबा समय निवेश के लिए आदर्श है? विशेषज्ञों का मानना है कि यह तरीके निवेशक के लिए बेहतर माने गए हैं।
केश्री ब्रोकिंग के को-फाउंडर राजीव सिंह ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार निवेश चाहे डेली, वीकली या मंथली आधार पर किया जाए, लंबी अवधि में रिटर्न में कोई खास अंतर नहीं आता। अगस्त 1996 से अगस्त 2025 तक यदि हर दिन 1 हजार रुपये हर हफ्ते 7 हजार रुपये व हर महीने 30,387 रुपये निवेश किए जाते, तो सभी विकल्पों का औसत रिटर्न लगभग समान होता। इनमें रिर्टर्न दर डेली 14.20 फीसदी, वीकली 14.20 फीसदी व मंथली 14.19 फीसदी है। साफ है निवेश की फ्रीक्वेंसी से ज्यादा ज़रूरी है जल्दी शुरुआत करना और अनुशासन बनाए रखना।
सही तारीख कौन-सी है?
रिपोर्ट में 28 साल के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि किस तारीख पर निवेश किया गया, इससे लंबे समय में रिटर्न पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता। रिपोर्ट की सिफारिश है कि निवेशक वही तारीख चुनें जिस दिन उनकी सैलरी बैंक अकाउंट में आती है, ताकि निवेश में अनुशासन और निरंतरता बनी रहे।
इसी तरह रिपोर्ट में कौन सी कैटेगरी सबसे अच्छा प्रदर्शन करती है? इस पर भी निवेशकों को राय दी गई है। तीनों मार्केट कैप सेगमेंट्स में से मिडकैप शेयरों ने लंबे समय में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 150 टीआरआई 17.40 फीसदी, निफ्टी 100 (लार्ज कैप) 13 फीसदी व निफ्टी स्मॉलकैप 250, 14.70 फीसदी है।
कितनी अवधि तक करें निवेश?
आंकड़ों से साफ है कि लंबी अवधि (कम से कम 10-15 वर्ष) तक निवेश करने पर इक्विटी की अस्थिरता घट जाती है और निवेशक को स्थिर व बेहतर रिटर्न प्राप्त होता है।
काम की बात
- एसआईपी में तारीख या फ्रीक्वेंसी से ज्यादा महत्वपूर्ण है ‘जल्दी शुरुआत और अनुशासन’।
- लंबी अवधि (10-15 साल या उससे अधिक) तक बने रहना ही बेहतर व स्थिर रिटर्न का रास्ता है।
- मिडकैप फंड्स लंबे समय में अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं।
शहर में म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 में कानपुर का म्यूच्यूअल फण्ड एयूएम 37,590 करोड़ रूपये है। इसके अलावा देश के कुल एयूएम में कानपुर की हिस्सेदारी 0.49 प्रतिशत है।
देश में 14वीं, प्रदेश में दूसरी रैंक हैं। कानपुर का निवेश उत्तराखंड राज्य से ज्यादा है। शहर में म्यूच्यूअल फण्ड फोलियो (खातों) की संख्या करीब 10 लाख है। इसके अलावा मेरठ, गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और झांसी के कुल एयूएम के लगभग बराबर है।
एसआईपी निवेशकों के लिए लंबी अवधि में नियमित निवेश ही सबसे लाभकारी रणनीति है। तारीख़ और फ्रीक्वेंसी की तुलना में नियमितता और अनुशासन अधिक मायने रखते हैं। लंबी अवधि के निवेश से बेहतर और स्थिर रिटर्न की संभावना रहती है... राजीव सिंह, आर्थिक विशेषज्ञ
