बाराबंकी : विवाहिता की हत्या में पति व भाभी को उम्रकैद, एक एक लाख का जुर्माना

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी करीब साढ़े तीन साल पहले विवाहिता की हत्या कर शव छिपाने के प्रकरण में न्यायालय ने पति व उसकी भाभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।

थाना टिकैतनगर पर हत्या की घटना के सम्बन्ध में हत्या आदि धाराओं में पंजीकृत प्रकरण से सम्बन्धित दीपू गोस्वामी उर्फ बाबा पुत्र हरिप्रसाद गोस्वामी हरिहर व सुनीता पत्नी दिनेश निवासी बराईन थाना टिकैतनगर को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट द्वारा दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण थाना टिकैतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बराइन का है। यहां के निवासी दीपू पुत्र हरिप्रसाद निवासी ग्राम बराईन ने पत्नी बबिता के लापता होने की बात कह गुमशुदगी दर्ज करवाई थी।

इसके तीन दिन बाद कोठरी गोरिया गांव के पास पीपा पुल के नीचे बबिता का शव मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरु कर दी। मृतका के पिता ओंकारनाथ निवासी असैना थाना रामसनेहीघाट ने पुलिस को बताया कि उनके दामाद द्वारा आए दिन शराब पीकर पुत्री बबिता के साथ विवाद किया जाता था।

इसकी वजह से बबिता के दो बच्चे ननिहाल में रह रहे। पुत्री का शव मिलने पर पिता ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया था। हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि अभियुक्त दीपू के उसकी भाभी सुनीता से अवैध संबंध थे, जिसकी जानकारी होने के बाद मृतका बबिता लगातार विरोध करती थी। वह न सिर्फ पति की प्रताड़ना का शिकार हुई बल्कि पति व भाभी की राह का रोड़ा भी बन गई।

इसी वजह से पति दीपू ने भाभी संग मिलकर बबिता की हत्या कर शव ठिकाने लगा दिया था। तत्कालीन विवेचक निरीक्षक अजय कुमार त्रिपाठी ने साक्ष्य संकलन कर वैज्ञानिक विधि से विवेचना पूर्ण कर अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।

गैर इरादतन हत्या में दो को 10-10 वर्ष कारावास

न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या के प्रकरण में 3 अभियुक्तों को 10-10 वर्ष साधारण कारावास व 21-21 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया। थाना रामनगर पर गैर इरादतन हत्या के सम्बन्ध में पंजीकृत भादवि के अभियुक्त अजीज पुत्र स्व0 हबीब, कल्लू पुत्र अजीज, करीम पुत्र मुसरत अली निवासी भैरमपुर थाना रामनगर को विभिन्न धाराओं में न्यायालय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2 द्वारा दोष सिद्ध करते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष का साधारण कारावास से दण्डित किया गया।

संक्षिप्त विवरण के अनुसार 20 मई 2012 को वादी शाहिद अली पुत्र खफजुल निवासी भैरमपुर थाना रामनगर ने उसके भाई सैयद अली को गंभीर रुप से मारने पीटने तथा उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर थाना रामनगर पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त मुसरत अली की मृत्यु हो गई।

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