चित्रकूट में दुराचार के दोषी को उम्रकैद : 18 माह की मासूम बच्ची को बनाया था हैवानियत का शिकार

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट, अमृत विचार। 18 माह की मासूम से हैवानियत दिखाते हुए नाले में ले जाकर दुराचार करने में दोषी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे अर्थदंड भी दिया। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना 23 जून 2024 को मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी।

इसमें शिकायकर्ता ने बताया था कि उसके नौ बच्चे हैं। कुछ माह पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। वह अपने बच्चों का पालनपोषण अकेले ही करता है। घटना के दिन वह अपने बड़े बेटे की शादी के कार्ड बांटने घर से बाहर गया था और उसके बच्चे घर पर थे। इस दौरान इतराज प्रसाद घर आया। वह शराब के नशे में था। वह उसकी 18 माह की बेटी को घर के बाहर से खेलते हुए गांव के शिव मंदिर के आगे सड़क किनारे सूखे हुए नाले की ओर ले गया। यहां उसने उसके साथ दुराचार किया।

बिटिया के रोने की आवाज पर गांव के अन्य लोग वहां पहुंचे तो आरोपी बेटी को छोड़कर भाग गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे बड़े बेटे ने उसे फोन से सूचना दी और वह दुराचार की शिकार मासूम को लेकर थाने पहुंचा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी इतराज प्रसाद पर अभियोग पंजीकृत कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

लगभग एक सप्ताह बाद ही न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया। विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने गुरुवार को इस मामले में निर्णय सुनाया। दोषसिद्ध आरोपी इतराज प्रसाद को आजीवन कारवास के साथ अर्थदंड से दंडित किया गया।

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