हरदोई में रफ्तार का कहर: जल्दबाजी ने हादसे में छीन ली 2 मज़दूरों समेत तीन की सांसें, परिजनों में कोहरमा
हरदोई। लखनऊ-पलिया हाई-वे पर पराग डेयरी के पास हुआ हादसा जल्दबाज़ी की वजह से हुआ, ऐसा हर कोई कह रहा है। अपनों के लिए दो जून की रोटी का बंदोबस्त करने की खातिर सारे दिन पसीना बह चुके सोने लाल और राजन को घर पहुंचने, वहीं आदित्य के सामने अपनी भतीजी की ज़िंदगी को बचाने का सवाल था, उसी वजह से दोनों की बाइक हवा से बातें करने लगी, उसी जल्दबाज़ी ने एक नहीं बल्कि तीन-तीन घरों की खुशियां निगल ली।
बताते चलें कि कोतवाली देहात के बरगदिया मजरा घोसार निवासी सोनेलाल पुत्र अनिल कुमार और उसका चचेरा भाई राजन पुत्र राजेश कुमार अपने घर वालों के लिए दो जून की रोटी जुटाने के लिए मज़दूरी करते थे। गुरुवार को दोनों साथ-साथ शहर आए और सारे दिन मेहनत करने के बाद शाम को बाइक से घर लौट रहे थे, ताकि रात होने से पहले ही उनके घर वालों के लिए रोटी का बंदोबस्त हो जाए।
इधर बघौली थाने के टेढ़वा के अनुज की बेटी शिवांशी की तबियत बिगड़ गई। मां मुन्नी देवी और भाभी सरोजनी के कहने पर आदित्य बाइक से उन दोनों के साथ शिवांशी को लेकर शहर के एक निजी हास्पिटल आ रहा था, इधर से सोने लाल बाइक चला रहा था, उधर से आदित्य आ रहा था, दोनों की रफ्तार काफी बढ़ी हुई थी, नतीजतन पराग डेयरी के पास पहुंचते ही दोनों में आमने-सामने टक्कर हुई और फिर उछल कर पास खड़े बबूल के पेड़ से टकरा कर वहीं गिर पड़े।
हादसा होते ही सड़क की रफ्तार एक-दम से थम गई, सोने लाल और राजन ने मेडिकल कालेज और आदित्य ने 100 बेड हास्पिटल पहुंचते ही दम तोड़ दिया,जबकि उसकी मां मुन्नी देवी, भाभी सरोजनी और भतीजी शिवांशी को 100 बेड हास्पिटल में भर्ती कराया गया। हादसे का पता होते ही सड़क पर भीड़ इकट्ठा हो गई, जिससे आवा-जाही बिल्कुल ठप पड़ गई। उधर हादसे में हताहत होने वालों के घरों में मातम बरपा हो गया।
भीड़ में फंस गया राज्य मंत्री का काफिला
पराग डेयरी के पास हुए हादसे से वहां सड़क पर भीड़ लगी हुई थी,उसी बीच सूबे की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी का काफिला उधर से निकला। राज्यमंत्री का स्कार्ट हूटर बजाते हुए आगे चल रहा था, फिर भी भीड़ रत्ती भर भी इधर से उधर नहीं हुई, राज्यमंत्री के काफिले ने निकलने के लिए बमुश्किल थोड़ी जगह बनाई और एक किनारे से आगे निकल गया, उसके बाद वहां पहुंची पुलिस ने रास्ता बहाल कराया।
