अयोध्या: अब भाजपा नेताओं ने लगाए एसडीएम पर आरोप, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, जानें पूरा मामला
मवई/अयोध्या, अमृत विचार। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में चल रहे एसडीएम और विधायक विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। एक ओर जहां दोनों के समर्थक सोशल मीडिया पर भिड़े हुए हैं। वहीं भाजपा नेताओं ने एसडीएम विकासधर दुबे की कार्यशैली पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
भाजयुमो के पूर्व जिला मंत्री व विधायक जिला प्रतिनिधि तेज तिवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि वह 25 अगस्त को सहकारी गन्ना विकास समिति गनौली के अध्यक्ष निर्मल शर्मा के साथ तहसील रुदौली पहुँचे थे।
जनसमस्याओं को लेकर बातचीत के दौरान उपजिलाधिकारी ने उनका परिचय सुनते ही रूखा व्यवहार किया और अधीनस्थ कर्मचारियों से उन्हें बाहर निकलवा दिया। आरोप लगाया है कि एसडीएम का यह व्यवहार न केवल लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है बल्कि कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री माधुरी सिंह ने विधायक रुदौली को पत्र लिखकर शिकायत की है कि ग्राम शाहपुर निवासी महिला कार्यकर्ता स्वीटी द्वारा खरीदी गई भूमि पर निर्माण कार्य रोके जाने की शिकायत को लेकर तहसील दिवस में सुनवाई हो रही थी।
आरोप है कि उपजिलाधिकारी ने विपक्षी पक्ष की बात तो सुनी लेकिन स्वीटी की कोई बात नहीं सुनी। जब उन्होंने खुद को महिला मोर्चा की जिला मंत्री बताते हुए निष्पक्ष सुनवाई का आग्रह किया तो उपजिलाधिकारी ने सबके सामने उन्हें फटकारते हुए तुरंत बाहर निकल जाने के लिए कहा। दोनों भाजपा नेताओं का आरोप है कि उपजिलाधिकारी रुदौली का व्यवहार लगातार फरियादियों को अपमानित करने वाला है। यह शासन की मंशा के विपरीत है।
उन्होंने मांग की है कि उपजिलाधिकारी के आचरण व व्यवहार की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वहीं उप जिलाधिकारी, रुदौली विकासधर दुबे ने कहा कि मेरी जानकारी में ऐसी कोई शिकायत या पत्र नहीं है। सभी आरोप निराधार है चाहे पहले के हो या अब। बहुत आवश्यकता है तो इसकी भी जांच करा ली जाए। मैं केवल शासकीय नियमों के तहत अपने कर्तव्य का पालन कर रहा हूं।
