बरेली में पुलिस-फोर्स के कड़े पहरे में नमाज अदा करके शांति से घरों को लौटे नमाजी 

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Published By Muskan Dixit
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पुलिस-प्रशासन ने शहर में कड़ी-सुरक्षा व्यवस्था का खींचा था खाका, हर गली-नुक्कड़ पर फोर्स 

दरगाह आला हजरत की ओर से भी जारी किया गया था संदेश-नमाज पढ़कर शांति से घरों को जाएं नमाजी 

बरेली, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में पिछले शुक्रवार को नमाज के बाद हुए बवाल के मद्देनजर इस जुमा को भी कड़ी चौकसी रही। शहर से लेकर अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में करीब 8500 पुलिस-फोर्स तैनात रही। बरेली मंडल के पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं के अलावा, मुरादाबाद, सहारनपुर और संभल तक पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। बरेली समेत रुहेलखंड और पश्चिमी यूपी के जिलों में शांतिपूर्वक नमाज अदा करके लोग घरों को लौट गए। 

बरेली में 26 सितंबर को जुमा की नमाज के बाद मौलाना तौकीर रजा ने प्रदर्शन की कॉल की थी। हालांकि मौलाना को रात में ही पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। लेकिन नमाज के बाद प्रदर्शन के लिए जुटी भीड़ का पुलिस के साथ टकराव हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को खदेड़ दिया था। 

पुलिस ने हिंसा भड़काने और पुलिस टीम पर हमले के आरोप में शहर के अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज की थीं। इनमें 3000 से अधिक नामजद और अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को ही मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर, फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ स्थित सेंट्रल जेल भेज दिया था। 

मौलाना के साथी नफीस अहमद, नदीम खान समेत करीब 85 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं। बरेली बवाल में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। अब तक आरोपियों की 100 संपत्तियां चिन्हित की जा चुकी हैं, जो बुलडोजर के निशाने पर हैं। 

इस बीच आला हजरत खानदान से जारी एक संयुक्त बयान में पुलिस-प्रशासन से निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने की अपील की गई है। इस संदेश के साथ कि बेकसूरों पर कार्रवाई बंद की जाए और बुलडोजर का खौफ शांत कराया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। 

विरोध की चुनौतियों के बीच जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार की शाम से 48 घंटे के लिए दोबारा इंटरनेट बंद कर दिया था। शुक्रवार को सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हजारों की संख्या में पुलिसकर्मी शहर के चप्पे-चप्पे पर डटे रहे। 

उधर, दरगाह की ओर से शांतिपूर्वक नमाज अदा करके घरों को लौटने का संदेश जारी किया गया था। दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने शनिवार 4 अक्टूबर को 11वीं शरीफ पर निकलने वाले जुलूस-ए-गौसिया को रद्द कर दिया है। 

पुलिस-प्रशासन और दरगाह के जिम्मेदारों की संयुक्त कोशिशों के बीच बरेली में जुमा की नमाज के बाद कहीं से कोई विरोध की आवाज नहीं उठी और नमाज अदा करके नमाजी शांति के साथ अपने घरों को लौट गए। बरेली के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही स्थितियों पर नजर बनाए रहे और चप्पे-चप्पे की स्थिति भांपते रहे।

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